ستارگان به من چشمک می زنند و گلها تبسم می کنند ، اگر کسی ديگر با من نبيند لذتی از ديدن آنها نميبرم.
برگرفته از خامه گهربار زنديياد نظاموفا
قله اورين (Avrin)
۳۵۰۰ متر
استان آذربايجان غربی ـ شهرستان خوی
۸۴/6/۳
تهيه کنندگان: علی اکبر قلمی و اشکان نظام پور
شرح صعود به روایت بروشور منتشره از سوی میزبان (با اندکی تغییر):
کوه اورین با ارتفاع 3500 متر در فاصله 35 کیلومتری غرب شهرستان خوی در استان آذربایجان غربی بین دشت الند و دره قطور مشرف بر جلگه خوی واقع گردیده است. این کوه در عرف محلی به نامهای ذکی داغ و ملامحمد داغ نیز معروف است و در 15 کیلومتری مرز ایران و ترکیه واقع شده است.
این کوه از طرف مشرق به شهرستان خوی منتهی می شود و جاده آسفالته تا روستای پسک ادامه داشته که از آنجا به بعد جاده خاکی بوده ولی تا روستای بدلان و حصار ماشین رواست.روستای بدلان آخرین روستای ماشین رو است. اهالی روستای بدلان ترک زبان و روستای حصار کرد زبان می باشند.
ــ پناهگاه خانه کوه اورین در روستای حصار قرار داردو گنجایش آن حدود 70 تا 80 نفر است و برق دار می باشد.
ــ در صعود به کوه اورین مشکل درگیری با سنگ و صخره وجود نداشته و صعود به سهولت انجام می پذیرد.
ــ اورین دارای دو قله است: اورین کوچک با ارتفاع 3417 متر و اورین بزرگ با ارتفاع 3500 متر که دارای طبیعتی زیبا ومصفی هستند. در مسیر صعود و در ارتفاعات دریاچه های کوچک وزیبایی قابل رویت هستند ( به زبان ترکی به این دریاچه ها یا بهتر بگوییم برکه ها «گل» یا «جل» گفته میشود و به محلی که دریاچه ها واقع شده اند «گل لر» یا «جل لر» می گویند).
ــ زمان لازم برای صعوداز روستای حصار یعنی ضلع غربی 4 الی 5 ساعت با گروه بزرگ است.
ــ از بالای قله کوههای کشور ترکیه و در صورت صاف بودن هوا کوه معروف آرارات را می توان دید.
|
مختصات جغرافيايي |
رشته كوه |
شهر/ منطقه / روستا |
تعداد - ارتفاه |
نام آبشار |
رديف |
|
|
البرز شرقی |
ساری / محمدآباد / خرم آباد |
|
شیرین رود |
1 |
|
|
البرز شرقی |
ساری / محمدآباد / پاجی و میانا |
|
اشک |
2 |
|
|
البرز شرقی |
ساری / پارتکلا |
|
پارتکلا |
3 |
|
|
البرز شرقی |
ساری / عسل محله |
|
عسل محله |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / لاریجان/ شاهان دشت |
170 - 8 |
شاهان دشت 1 |
5 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / لاریجان/ شاهان دشت |
80 - 2 |
شاهان دشت 2 |
6 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / رینه/ دامنه قله دماوند |
6 - 1 |
آبشار یخی دماوند |
7 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / امیری / وانا |
60 - 1 |
تی مری / امیری |
8 |
|
|
البرز شرقی |
علی آباد / |
|
کبودوال |
9 |
|
|
البرز مرکزی |
رامسر / |
|
جواهرده |
10 |
|
|
البرز مرکزی |
نور / |
|
آب پری |
11 |
|
|
البرز شرقی |
آق قمیش / |
65 - 1 |
لوه |
12 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / |
|
سنگ نو |
13 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / |
|
اسپه او |
14 |
|
|
البرز مرکزی |
سوادکوه / |
58 - 1 |
گزو |
15 |
|
|
البرز مرکزی |
سوادکوه / |
|
دراسله |
16 |
|
|
البرز مرکزی |
سوادکوه / |
|
گته سنگ |
17 |
|
|
البرز شرقی |
کردکوی / |
|
شادان |
18 |
|
|
البرز شرقی |
گرگان / زیارت |
|
زیارت |
19 |
|
|
البرز شرقی |
زیرآب / جاده سوادکوه / جوارم |
|
جوارم |
20 |
|
|
البرز شرقی |
جاده فیروزکوه / ورسک |
15/30 - 3 |
ورسک |
21 |
|
|
البرز شرقی |
جاده كياسر / مازا |
|
مازا |
22 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / جاده هراز/ نمارستاق |
|
كوه هره |
23 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / جاده هراز/ نمارستاق |
|
امزنو |
24 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / جاده هراز/ نمارستاق |
|
چهل چشمه |
25 |
|
مختصات جغرافيايي |
رشته كوه |
شهر/ منطقه / روستا |
دهانه - عمق - چاه |
نام غار |
رديف |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-... |
0 - 00m - 70c |
کالوم مال (چاهی - آبی) |
1 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-... |
|
شاهدز |
2 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-عالیکلا-... |
|
رستم میدان |
3 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ لنگر-جماالدین کلا-... |
|
قاسم لی |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / سیدآباد / رودافشان |
550m - 12/40m |
رود افشان |
5 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / کلت |
|
کمربند |
6 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / |
|
هوتو |
7 |
|
|
البرز شرقی |
سوادکوه / خطیرکوه |
100m - 40m |
اسپهبد خورشید |
8 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
اسک |
9 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
گل زرد |
10 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
دانیال |
11 |
|
|
البرز شرقی |
آلاشت / زنگیان |
|
زنگیان |
12 |
|
|
البرز شرقی |
سوادکوه / دوآب |
|
کیجا کرچال |
13 |
|
|
زاگرس |
کرمانشاه / مانگ هلات |
26 |
پراو / پرو |
14 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / فیروزکوه / هرسانده |
|
بورنیک |
15 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-... |
0 - 00m - 70c |
کالوم مال (چاهی - آبی) |
1 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-... |
|
شاهدز |
2 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-عالیکلا-... |
|
رستم میدان |
3 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ لنگر-جماالدین کلا-... |
|
قاسم لی |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / سیدآباد / رودافشان |
550m - 12/40m |
رود افشان |
5 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / کلت |
|
کمربند |
6 |
|
|
البرز شرقی |
بهشهر / |
|
هوتو |
7 |
|
|
البرز شرقی |
سوادکوه / خطیرکوه |
100m - 40m |
اسپهبد خورشید |
8 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
اسک |
9 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
گل زرد |
10 |
|
|
البرز مرکزی |
|
|
دانیال |
11 |
|
|
البرز شرقی |
آلاشت / زنگیان |
|
زنگیان |
12 |
|
|
البرز شرقی |
سوادکوه / دوآب |
|
کیجا کرچال |
13 |
|
|
زاگرس |
کرمانشاه / مانگ هلات |
26 |
پراو / پرو |
14 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / فیروزکوه / هرسانده |
|
بورنیک |
15 |
|
مختصات جغرافيايي |
رشته كوه |
شهر/ منطقه / روستا |
عمق - وسعت |
نام دریاچه |
رديف |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ |
|
چورت |
1 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ جاده کیاسر / الندان |
|
الندان |
2 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ |
|
سلیمان تنگه |
3 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / رینه / لار |
|
لار |
4 |
|
|
البرز شرقی |
سوادکوه / |
|
شورمست |
5 |
|
|
البرز مرکزی |
جاده چالوس / جاده دیزین / وارنگرود |
|
دریوک / خلنو |
6 |
|
|
البرز مرکزی |
دماوند / فیروزکوه / هویر |
1k |
هویر |
7 |
|
|
البرز مرکزی |
دماوند / فیروزکوه / هویر |
1/5k |
تار |
8 |
|
|
البرز مرکزی |
چالوس / مرزن آباد / کلنو-... |
|
سما / ولشت |
9 |
|
|
زاگرس |
درود / درب آستانه |
30m - 100h |
گهر بزرگ و کوچک |
10 |
|
|
البرز غربی |
قزوین / زواردشت |
|
اوان / آوان |
11 |
|
|
البرز غربی |
مرز گیلان و اردبیل / کلنگی بیل |
10m |
نئور |
12 |
|
مختصات جغرافيايي |
رشته كوه |
شهر/ منطقه / روستا |
قله - وسعت |
نام یخچال |
رديف |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-لنگر-... |
شاهدژ |
یخچال شاهدژ |
1 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / شرقی دماوند |
دماوند |
یخار |
2 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / جنوبی غربی دماوند |
دماوند |
اسپرین سر |
3 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / شمال غربی دماوند |
دماوند |
اشکارچال |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / شمال - شمل شرقی دماوند |
دماوند |
عروسک ها |
5 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / شمالی دماوند |
دماوند |
سیوله |
6 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / شمالی دماوند |
دماوند |
دو بی سل / دیوسر |
7 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
خرسان |
خرسان |
8 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
مرجیکش |
مرجیکش |
9 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
علم کوه |
علم چال |
10 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
هفت خوان |
هفت خوان |
11 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
سرچال |
سرچال |
12 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
میان سه چال |
میان سه چال |
13 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
حصار چال |
حصار چال |
14 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
تخت سلیمان |
تخت سلیمان |
15 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
اسپیلت |
اسپیلت |
16 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
چالون |
چالون |
17 |
|
|
البرز غربی |
چالوس / منطقه سلیمان تنگه |
شانه کوه |
شانه کوه |
18 |
|
|
زاگرس |
اراک / اشترانکوه |
گل گل |
خرسه در |
19 |
|
|
زاگرس |
اراک / اشترانکوه |
سن بران - میرزایی |
چال بران |
20 |
|
|
زاگرس |
اراک / اشترانکوه |
گل گل - سن بران |
چال کبود |
21 |
|
|
زاگرس |
اراک / اشترانکوه |
فیالستون - میرزایی |
فیالستون |
22 |
|
|
زاگرس |
اصفهان - کهکلویه .. / دنا |
هرم - قزل قله -... |
زندان |
23 |
|
|
البرز مرکزی |
طالقان / شمالی شاه البرز |
شاه البرز |
شاه البرز |
24 |
|
مختصات |
رشته كوه |
شهر- روستا- منطقه |
قله – منطقه |
نام دشت |
رديف |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / رینه / ضلع جنوب غربی |
دماوند |
لار |
1 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ لنگر-جماالدین کلا... |
شاهدژ |
ولمت |
2 |
|
|
البرز شرقی |
ساری/ بالاده-ایلال-... |
شاهدژ |
دن نشیر |
3 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / نوا |
هلزم |
هلزم |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
تنکابن / عسل محله |
سیالان و خانه بن |
دریاسر |
5 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / نوا |
پاشوره |
آزو |
6 |
|
|
البرز شرقی |
ساری / دودانگه |
فریم سحرا |
محمدآباد |
7 |
|
|
البرز شرقی |
ساری / دودانگه + چهاردانگه |
خط الراس نرو |
اپرت |
8 |
|
|
البرز مرکزی |
آمل / جاده هراز / نمارستاق |
كهون و ... |
دريوك |
9 |
|
مختصات جغرافيايي |
رشته كوه |
شهر/ منطقه / روستا |
ارتفاع قله - ارتفاع |
نام دیواره |
رديف |
|
|
البرز غربی |
مازندران / رودبارک / علم چال |
450m - 4850 |
علم کوه |
1 |
|
|
البرز غربی |
مازندران / رودبارک / علم چال |
350m - 4750 |
شاخک |
2 |
|
|
البرز غربی |
مازندران / رودبارک / علم چال |
150m - 4659 |
تخت سلیمان |
3 |
|
|
البرز مرکزی |
مازندران / سه هزار / میانرود |
350m - 4537 |
هفت خوان |
4 |
|
|
البرز مرکزی |
مازندران / سه هزار / میانرود |
400m - 4400 |
دیواره غربی |
5 |
|
|
البرز مرکزی |
مازندران / رودبارک / حصارچال |
400m - 4350 |
منار |
6 |
|
|
البرز مرکزی |
مازندران / لاهیجان / سیاهکل |
850m - 2850 |
درفک |
7 |
|
|
البرز شرقی |
مازندران / سواد کوه/ ارفه ده |
300m - 2750 |
ارفه کوه |
8 |
|
|
البرز شرقی |
مازندران / کیاسر/ بالاده |
300m - 2802 |
شاهدژ |
9 |
|
|
البرز شرقی |
مازندران / سنگ ده |
300m - 3602 |
خط الراس نرو |
10 |
|
|
زاگرس |
چهارمحال بختیاری / بازفت |
350m - 4050 |
هفت تنان |
11 |
|
|
زاگرس |
چهارمحال بختیاری / کوهرنگ |
150m - 4221 |
کلونچین |
12 |
|
|
زاگرس |
چهارمحال بختیاری / بازفت |
150m - 4000 |
سردان |
13 |
|
|
زاگرس |
چهارمحال بختیاری / بازفت |
150m - 4100 |
دوزرده |
14 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / شمیران / پس قله |
150m - 3050 |
بند یخچال |
15 |
|
|
البرز مرکزی |
کرج / پل خواب |
150m |
پل خواب |
16 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / رودبارقصران / شمشک بالا |
120m |
بند بزرگ |
17 |
|
|
البرز مرکزی |
تهران / رودبارقصران / گرمابدر |
150m - 3700 |
خاتون بارگاه |
18 |
|
|
البرز غربی |
مازندران / جاده بلده / کلاک بالا |
400m - 4350 |
آزاد کوه |
19 |
|
|
زاگرس |
کرمانشاه / بیستون |
1200m - 3350 |
بیستون |
20 |
|
|
زاگرس |
اراک / لجور |
350m - 3300 |
لجور |
21 |
|
|
زاگرس |
لرستان / یافته |
850m - 2950 |
یافته |
22 |
|
|
البرز مرکزی |
مازندران / لاریجان / دشت لار |
150m |
عروس کوه |
23 |
|
|
زاگرس |
اصفحان |
150m |
صفحه |
24 |
|
|
کوه های مرکزی |
یزد / تفت / ده تزرجان |
300m - 4000 |
تزرجان |
25 |
|
|
کوه های مرکزی |
یزد / تفت / ده تزرجان |
150m - 3850 |
برفخانه |
26 |
|
|
زاگرس |
کهکلویه و بویراحمد |
100m - 4420 |
غربی مورگل |
27 |
|
|
زاگرس |
کهکلویه و بویراحمد |
400m - 4500 |
غربی قاش مستان |
28 |
|
|
زاگرس |
کهکلویه و بویراحمد |
150m - 4400 |
هرم |
29 |
|
|
زاگرس |
چهارمحال بختیاری / کوهرنگ |
250m - 4150 |
شاه شهیدان |
30 |
|
همنورد گرامی با رعایت و درک مطالب زیر می توانید به خود درس هایی بی آموزید : | ||
| ||
| ||
|
کوه ها ابهتشان را از افرادی که در آنها می میرند بدست می آورند پس نگزارید ... | ||
| ||
| ||
| ||
| ||
| ||
|
به یاد داشته باشیم اغلب حوادث کوهنوردی هنگام بازگشت به وقوع می پیوندد | ||
| ||
|
تنها صعود کنندگاه می دانند که چرا باید صعود کرد | ||
|
ارتفاع زدگی
چکیده مقاله : مقدمه: با توجه به بررسي ميزان بروز بيماري حاد كوهستان در كوهنوردان صعودكننده به قلل ديگر خصوصا كوههاي اروپائي اين مطالعه به منظور تعيين ميزان بروز اين بيماري و عوامل مرتبط با آن در نژاد ايراني و در صعود كنندگان به كوه دماوند طراحي و اجرا گرديد. مواد و روشها: اين مطالعه يك مطالعه مقطعي بوده كه بر روي 459 نفر صعود كننده به قلة دماوند در تابستان 1379 انجام شد. صعود كنندگان در سه مرحله در ارتفاع 2900 و در حين صعود در 4200 متر و همچنين در همين ارتفاع در حين بازگشت با استفاده از سيستم درجه بندي Lake Louise مورد بررسي قرار گرفتند. يافته ها: در مجموع ميزان بروز بيماري حاد كوهستان 60.8 درصد بود. صعودكنندگان در سنين 13-71 سالگي بوده كه 67.8 درصد آنان را مردان كوهنورد تشكيل مي دادند. ارتباط معني دار نمونه گيري بين بروز بيماري و سن، جنس، قد، Body Mass Index ، سيگاري بودن، و كوله بار همراه، اقامت بيش از 15 ساعت در پناهگاه 4200 متر، سرعت صعود در ارتفاع بيش از 4200 متر و سرعت بازگشت وجود نداشت. كوهنوردانيكه در ارتفاع كمتر از 600 متر سكونت داشتند بيشتر مبتلا به اين بيماري شدند. همچنين كوه گرفتگي با غير حرفه اي بودن كوهنورد، ابتلا قبلي به بيماري، شروع به صعود در بين ساعات 6 عصر تا 6 صبح ارتباط قوي داشته است و در اين گروهها بيماري بيشتر ديده شد. همچنين بيماري حاد كوهستان با سرعت صعود بين ارتفاع 2900 تا 4200 متر و خوابيدن در ارتفاع 4200 متر ارتباط ضعيفي داشته است.نتيجه گيري و توصيه ها: ميزان بروز بيماري حاد كوهستان در كوهنوردان صعود كننده به دماوند بيش از ساير مطالعات بوده است. سابقه مثبت خانوادگي ابتلاء به بيماري حاد كوهستان شروع صعود به قله كه تا كنون بعنوان عامل موثر بر بروز اين بيماري بررسي نشده است، در اين مطالعه بررسي و سابقة خانوادگي تأثيري بر بروز مجدد بيماري نداشته و ساعت شروع به صعود در طول شب با بروز بيماري ارتباط داشته است. تاثير ارتفاع محل سكونت، سرعت صعود و سابقه قبلي كوه گرفتگي در مطالعات ديگر مطرح شده كه در اين مطالعه نيز تائيد گرديد.
دوره يخ نوردي پيشرفته و مربيگري دركشورقرقيزستان
با نام و ياد خداوند متعال
طي يك هماهنگي توسط شرکت کوهنوردي آذرکوه با فدراسيون كوهنوردي كشور قرقيزستان جهت برگزاري كلاس يخنوردي با مربيان روسي در مورخه 28/12/86 تبريز را به مقصد مشهد ترک کرده تا از آنجا با هواپيما ايران را به مقصد شهر بشکک ترک کنيم .مدت طول برنامه 15 روزبوده و كليه نفرات اعزامي 11 نفرمي باشند . براي سهولت كار بهتر با مربيان روسي بنامهاي آناتولي بعنوان سر مربي وآقاي ولاديميرمسئول آموزش و مربي ، و يك مربي جوان بنام راديون وآقاي آلكس بعنوان آشپز ارتفاع بعد از رسيدن به هتل بيشكك طي جلسه اي با آنها آشنا شديم كه دراين جلسه درمورد چگونگي حركت به منطقه و نحوه آموزش برايمان صحبت كردند سپس بعد از اقامت در شهربيشكك كه پايتخت قرقيزستان ميباشد آشنائي كامل را با ديدن جاهاي ديدني در شهر و محله هاي مختلف واقع درشهركه برايمان بسيار جالب بود شروع كرديم و خوشبختانه مراسم سال نو دراين كشور نيز به شكل زيبايي برگزار مي شد كه بسيار ديدني و لذت بخش مي باشد.
چون تعدادي از كشورهايي كه مسلمان و تقريبا از لحاظ فرهنگي با هم مشترك بودند و با لباسهاي سنتي با مراسم موسيقي عيد نوروز را به شكل كلاسيك اجرا مي كردند.
روز بعد شهر را به قصد منطقه آلاآرچا ترك كرديم كه اينجا نيز درنوع خود بسيار ديدني و دريك منطقه جنگلي واقع شده است و شبيه كلاردشت خودمان درعلم كوه ميباشد .
صبح روز بعد با بستن كوله ها و تست وسايل فني توسط مربيان آلاآرچا را بايك مسير جنگلي زيبا به طرف پناهگاه راديسكا درارتفاع 3400 متر حركت كرده واين مسير در حدود 7ساعت با كوله سنگين به طول انجاميد بعداز مستقر شدن درپناهگاه كه كاملا در زيرديواره 600متربوكس قرارداشت ديدن آن برايمان بسيارجالب بود.
بعدازصرف اولين شام در منطقه كوههاي آلاداغ قيرقيزستان كه نزديك به ارتفاع 5000متري ميباشند و به عظمت كوههاي 7000متري ديده مي شود.دراين منطقه درحدود900مسير فني وجود داشت درهمين شب مربيان برنامه فردا وچگونگي كاردرروي يخچال معروف آكسائي كه به طول 9كيلومتر مي باشد توضيح دادند و اين يخچال شبيه يخچال خنبو اورست بوده وكاملا از قله Karona (كارونا) با ارتفاع 4860 متر شروع شده ودرنزديكي پناهگاه خاتمه مي يابد وبلندترين قله منطقه طبق عسكها با ارتفاع 4875 متر بنام معروف cemehoba ودرجه سختي اين قله ها +B4بر+A5 مي باشد ومشكل ترين قله منطقه به نامFerekora( فري كره) با ارتفاع 4740 متر وبا 13مسير كاملا فني كه با درجه سختي كلاسه 6Bو 6Aوطول ديواره 1100 متر مي باشد ضمنا كليه روزهاي آموزشي ما درزيراين ديواره ها ودرروي يخچال آكسايي بود وبطور روزشمارازحركتهاي بدون ابزارروي يخ شروع كرده وبا ابزارونوع كارگاه زدن وطريقه صحيح جا گذاري پيچ يخ درمسيرباشيب 60 درجه و90درجه وحركت درروي ديواره هاي يخي وصعود مسيرهاي Deritoling و بصورت ميكس نحوه فرود وبهترين روش آموزش تئوري وعملي براي مربيان را آقاي ولاديمرعنوان مي كردونوع فرود روي يخ بدون جا ماندن هيچ ابزاري را برايمان آموزش مي دادند كه دراسرع وقت براي مربيان عزيز استان مان بازآموزي گذاشته خواهد شد وهمچنين طريقه عبوراز شكافهاي عريض وغيره آموزش داده مي شدوانواع بالاكشي ها با هرنوع ابزار چنگ دهنده يا يك طرفه وكليه آموزشهادريك صعود دشوارونحوه حركت درمسيرهاي سنگ ويخ اجرا مي شد لازم به ذكر است كه مربيان روسي صرفا براي صعودهاي دشوارطراحي شده اند و واقعا دراين مناطق كاملا ورزيده شده وبراي اجراي كاردرمسيرهاي بادرجه سختي جواب دهي مناسب رادارند.
اين مطالب جهت اطلاع و بعنوان خبردرسايت گروه کوهنوردي آذرجوان تبريز درج خواهد شد اميدواريم براي دسترسي بيشتربه مطالب برنامه وارتباط نزديك و مستمر با گروه كوهنوردي آذرجوان تبريز گزارش كاملي را بصورت بولتن تهيه و تقديم علاقمندان نمائيم .
با تشكر وقدرداني از رياست محترم شرکت کوهنوردي آذرکوه و رياست هئيت کوهنوردي استان آذربايجانشرقي مي نمايند.
ملاحظات :سرپرست برنامه : آقاي مسعود آقابالايي مدت برنامه 19 روز بطول انجاميد .هماهنگي كلاسهاي آموزشي با فدراسيون قيرقيزستان .تعدادشركت كنندگان 2 نفر از تهران 2 نفر ازگيلان 6 نفر از تبريز1 نفر از اروميه .دريافت مدارك مربيگري در سه درجه صورت گرفت .دريافت 5 نفر مربيگري درجه يك .دريافت 4 نفر مربيگري درجه 2 .دريافت 2نفر مربيگري درجه 3 .
بیماریهای ارتفاع گردآوری: دکتر علیرضا بهپور
تعریف: بیماریهای کوهستان شامل طیف وسیعی از بیماریها مثل : برف کوری ، سرمازدگی وارتفاع زدگی میباشد. ولی منظور از بیماریهای ارتفاع یا به طور عامیانه کوه گرفتگی ،طیف خاصی از این بیماریها است که شامل 3 بیماری اصلی زیر است.این بیماریها مختص محیط کوهستان بوده و در محیط های دیگر مشاهده نمیشود.:
1- بیماری حاد کوهستان (ACUTE MOUNTAIN SICKNESS (A.M.S
2- ورم مغزی ارتفاع بالا (IHIGH ALTITUDE CEREBRAL EDEMA (H.A.C.E
3- ورم ریوی ارتفاع بالا (HIGH ALTITUDE PULMONARY EDEMA (H.A.P.E
مناطق مرتفع:
1- بلند : 1500 تا 3500 متر 2- خیلی بلند: 3500 تا 5500 متر 3- حد نهایی : بیش از 5500 متر. به این ترتیب ما در ایران اصولا در مناطق بلند زندگی میکنیم و به همین خاطر تحمل بهتری نسبت به کسانی که در سطح دریا زندگی میکنند داریم.
علت مشکلات مناطق بلند : افت فشار بارومتریک و کاهش میزان اکسیژن در دسترس است. درصد میزان اکسیژن فرق نمی کند ولی هوا رقیق تر است و تعداد مولکول هر گازی ، از جمله اکسیژن ، کمتر.
پدیده های جبرانی : هم هوایی یا ACCLIMATIZATION : افزایش ضربان قلب ، افزایش تعداد تنفس افزایش تعداد گلبول های قرمز ، افزایش آنزیمهای برداشت کننده اکسیژن در ریه ها و بافت های دیگر ، افزایش جریان خون .
این مکانیسم ها یک تا سه روز طول می کشد ولی افزیش گلبول های قرمز جزء مکانیسم های کند است که حدود سه هفته بعد حداکثر اثر آنها حاصل می شود .علائم عدم تطابق مناسب: افزایش تعداد تنفس و تنفس تند، افزایش میزان ادرار ، تنگی نفس در حین فعالیت ، تنفس شبانه CHEYNE- STOKE OR PERIODIC علائم تطابق خوب : خواب خوب ، اشتهای خوب، و عدم وجود علائم A.M.S.بیماریهای حاد کوهستان :(Acute Mountain Sickness (A.M.S
به عنوان ابتدای طیف بیماریهای کوهستان شناخته می شود معمولا زیر 2500 متر دیده نمی شود ولی بالای 5000 متر تا 25% مشاهده می شود .
زمان بروز آن 6 تا 12 ساعت از رسیدن به ارتفاع مورد نظر است. و بعد از 1 تا 3 روز اقامت در آن ارتفاع بهبودی حاصل می شود ( اگر به ارتفاع بالاتر صعود نکند) در صورت صعود تشدید
می شود. غیرقابل پیش بینی است که در چه فردی بروز کند ولی می توان حدس زد که سرعت صعود و میزان ارتفاع کسب شده در طی دوره صعود در 2-1 روز قبل بسیار مهم و تعیین کننده است.
علائم A.M.S. : ورود تازه به ارتفاع جدید + سردرد ،بعلاوه هر کدام از علائم زیر: بی اشتهایی ، تهوع ، استفراغ، خستگی و ضعف، گیجی و منگی، خواب ناجور و نادرست، حواس پرتی و اختلال حرکتی ضعیف و درد و ضعف عضلانی .
متاسفانه انکار خیلی شایع است : فردی که 8 ساعت صعود سخت داشته ابراز می کند که اصلا خسته نیست ولی با اینحال هیچ میلی هم به غذا ندارد .
بیماری حاد کوهسنتان در افرادی که گروهی صعود میکنند بیشتر دیده می شود زیرا افراد نمی خواهند جلوی سایر اعضاء ضعیف جلوه کنند یا اینکه مزاحم سایر افراد در صعود شوند. بنابراین به صعود ادامه داده و مشکلاتشان تشدید می شود .
پیشگیری از بیماریهای حاد کوهستان : صعود مرحله ای در بالای 3000 متر محل خواب نباید بیش از 300 متر از شب قبل بالاتر باشد . برای هر 1000 متر یک روز استراحت یا خواب در ارتفاع مشابه در نظر گرفته شود .متاسفانه در بسیاری از موارد این شرایط قابل انجام نیست و بنابراین به عنوان راه حل : کار در بالا و خواب در پایین پیشنهاد می شود یعنی اقدام به صعود کرده ، ارتفاع بالا رالمس نموده و سپس به محل خواب قبلی برگشت می نماید.
درصورت بروز علائم حتما می بایست از صعود بیشتر خودداری شود .داروها :استازولامایدACETAZOLAMIDE : به صورت کلی در موارد زیر بعنوان پیشگیری به کار می رود و نه در همه افراد: 1- صعود سریع به ارتفاع بالاتر از 3000 متر 2- محل خواب بالاتر از 1000 متر ازمحل خواب قبلی 3- سابقه A.M.S. مکرر در صعودهای قبلی .درمان : شامل نزول ، استراحت ، استازولاماید، دگزامتازون ، اکسیژن و از همه مهمتر عدم صعود بیشتر است .
ورم مغزی ارتفاع بالا : (High Altitude Cerebral Edema( H.A.C.E
این بیماری وجود مایع بیش از حد در داخل و اطراف بافت مغز است .در حقیقت فرم شدید A.M.S. است و به طور معمول قبل از آن علائم A.M.S. وجود دارد ولی گاهی ممکن است بدون هیچ گونه علائم بیماری حاد کوهستان مبتلا به H.A.C.E. شویم .
علائم : علاوه بر سایر علائم A.M.S. ، دو علامت خیلی مشخص دارد :1- اختلالات روحی و روانی ( ممکن است به دلیل سرما و باد امکان ارزیابی دقیق نباشد )2- اختلالات تعادلی و راه رفتن ( راه رفتن پاشنه - پنجه )در شب تشدید می شود چون تنفس شبانه نامنظم تر و غیر ارادی است.پیشگیری : همان موارد گفته شده برای A.M.S. در اینجا هم کاربرد دارد .
درمان : یک اورژانس واقعی است و بیمار در صورت عدم رسیدگی ظرف چند ساعت فوت می کند درمان اصلی شامل فرود و نزول است.بیمار حداقل می بایست به مقدار 600 متر ارتفاع کم نماید یا به محلی منتقل شود که در آن بدون علامت بوده و شب راحت خوابیده است .سایر درمان های پیشنهادی کمکی هستند و سبب می شوند که حال بیمار کمی مساعد شده و بتواند احتمالا پایین برود و وقت اضافی در اختیار ما قرار دهد تا بتوانیم اقدامات لازم را انجام دهیم . این درمان ها شامل : دگزامتازون ، اکسیژن ، و استفاده از گامو بگ GAMMOW BAG است که حدودا 600 تا 1000 متر کاهش ارتفاع دروغین حاصل می کند
ورم ریوی ارتفاع بالا :(High Altitude Pulmonary Edema (H.A.P.E
کمبود اکسیژن سبب انقباض عروق ریوی شده فشار در درون این عروق بالا رفته مایع به داخل کیسه های هوایی تراوش می کند . علائم و نشانه ها: به صورت ترکیبی از موارد زیراست :1- تنگی نفس در استراحت .2- سرفه ، همراه با خلط کف آلود یا خونی .3- ضعف کلی و عملکرد بدنی ضعیف .4- فشار روی قفسه سینه .5- تنفس صدا دار ( قل قل یا خس خس )6- سیاهی لب ها و نوک انگشتان .7- تندی تنفس وضربان قلب .8- تب.ممکن است فرد در حال استر احت کاملآ سرحال باشد ولی به محض کوچکترین فعالیتی علائم پدیدار میشود. گاهی به غلط با ذات الریه یا سرما خوردگی شدید اشتباه شده و با درمان غلط باعث مرگ فرد میشود. همراه با این حالت ممکن است A.M.S. یا H.A.C.E نیز وجود داشته باشد.مهمترین علائم خستگی شدید و عدم تحمل فعالیت است که برای خود فرد و دوستان او کاملا قابل تشخیص است
پیشگیری : صعود مرحله ای و استفاده از داروی نیفیدیپین
درمان : متاسفانه در صورت عدم اقدام فوری مرگ خیلی سریع اتفاق می افتد. درمان اصلی در اینجا نیز شامل : نزول و فرود است.درمان های کمکی شامل : نیفیدیپین ، اکسیژن ، گاموبگ است . استفاده از دگزامتازون و مواد مدر (دیورتیک ) مورد سوال و تردید است .یيماری ارتفاع
بيماري حاد كوهستان:
چنانچه بدون هم هوائي به ارتفاعات بالا صعود نمائيم واكنش بدن به كمبود اكسيژن با علائم زير خود نمائي مي كند :
- بي اشتهائي ، تهوع و استفراغ- خستگي و ضعف- گيجي و منگي و سردرد- بي خوابي ( قطع و وصل تنفسي )- عدم تشخيص صحيح ( قاطي كردان )- خوابهاي آشفته
- راستي چه كساني به اين بيماري دچار مي شوند؟
واقعيت اين است كه هر كس كه به ارتفاعات بالا صعود نمايد در معرض ابتلا به اين بيماري قرار مي گيرد. عامل اصلي ابتلا يا عدم ابتلا سرعت صعود است ؛ هر چه قدر سريعتر صعود نمائيم امكان بروز بيماري بيشتر مي شود . هيچ روشي وجود ندارد كه از قبل بتواند در مورد ابتلا و يا عدم ابتلا به اين مشكل اظهار نظر نمايد . ممكن است كساني كه در ارتفاعات پائين يعني حدود ۲۵۰۰ متر به اين بيماري دچارشوند.كساني كه قبلا ارتفاعات بسيار بالاتر را بدن مشكل تجربه كرده اند.
بنابراين به قانون طلائي شماره صفر مي رسيم كه مي گويد :
" هيچ اشكالي ندارد كه به اين بيماري دچار شويم مشكل زماني است كه جان ما در اثر اين بيماري به مخاطره افتد "
توجه داشته باشيم كه ابتلا به اين بيماري هيچ ارتباطي به سن،جنس،آمادگي بدني و صعود هاي موفق قبلي ندارد . همين طور اقرار به ابتلا به اين بيماري به هيچ وجه از شايستگي هاي كسي نمي كاهد . بنابراين نبايد به هيچ وجه علائم را مخفي وقبل ازهم هوا شدن به صعود ادامه داد.
قانون طلائي شماره يك : " هرعارضه اي درارتفاع به علت بيماري ارتفاع است مگر خلاف آن ثابت شود ."
بنابراين وجود سر درد،حالت تهوع،ضعف،خستگي امري طبيعي و عادي نيستند و نشانه وجود كوه گرفتگي است.
چگونه مي توان از كوه گرفتگي جلوگيري كرد ؟
رعايت سرعت منطقي در صعود، مساوي باهم هوائي و هم هوائي مساوي با پيشگيري از كوه گرفتگي است. درست است كه زمان و سرعت هم هوائي در اشخاص مختلف متفاوت است اما به طور كلي رعايت اصول زير ضروري است :
۱ – از ۳۰۰۰ متر به بالا محل خواب هر شب نبايد بيش از ۳۰۰ متر از محل خواب شب قبل بالاتر باشد.
۲ – از ۳۰۰۰ متر به بالا و به ازاء هر ۱۰۰۰ متر كه به روش فوق صعود مي شود بايد دو شب را در آن ارتفاع سپري نمود مثلاً چنانچه با روش فوق به بارگاه سوم در جبهه جنوبي دماوند صعود نمائيم ، بايد دو شب را در آنجا سپري كنيم تا بتوانيم شب بعد را درارتفاع ۳۰۰ متري بالاتر از بارگاه سوم بگذرانيم .
۳ – صعود به ارتفاع بالا ؛ خواب در ارتفاع پائين تر
** توجه داشته باشيم كه رفتن و برگشتن به ارتفاعات بالا حتي ۵ و ۶ هزارمتري چنانچه در يك روز انجام شود و نيازي به شب ماني در ارتفاعات بالا نداشته باشدمشكلي ايجاد نميكند، زيرا مشكل اصلي ما خواب در ارتفاعات است كه عوارضي مانند : بدخوابي ، قطع و وصل تنفس ، خواب هاي آشفته و ابتلا به تورم مغزي و ريوي را ايجاد مي نمايد. اين عوارض عمدتاً در هنگام شب اتفاق مي افتد، زماني كه به دليل خواب و از بين رفت حركات ارادي بدن،تنفس تنها تحت اثر مراكز دوگانه مغز كه قبلا به آنها اشاره شد صورت ميگيد و قطع و وصل تنفس پيش مي آيد كه باعث كمبود اكسيژن و ايجاد تورم ريوي و مغزي مي شود .
روش مقابله با كوه گرفتگي چيست؟
اصل اول بعد از ابتلا به كوه گرفتگي عدم صعود به ارتفاع بالاتر است. چنانچه يك يا چند مورد علائم كوه گرفتگي را مشاهده كرديم به هيچ وجه نبايد به ارتفاعات بالاتر صعود نماييم . سرپيچي از اين قانون ، خطر مرگ را به دنبال دارد.!!!
قانون طلائي شماره دو : " هيچ گاه با وجود داشتي علائم كوه گرفتگي به صعود ادامه ندهيد "
لازم است در همان ارتفاع بمانيد تا علائم رفع و در حقيقت هم هوائي صورت گرفته و سپس به صعود ادامه داد.
- موارد شديد بيماري كوهستان
بيماري كوهستان يك طيف گسترده را تشكيل مي دهد كه مي تواندبا يك سردرد ساده شروع و به مرگ ختم شود.چنانچه صعود ادامه يابد به دليل كم شدن فشار هوا و فرار مايعات از خون از طريق جداره مويرگها به داخل بافت مغزي و همينطور بافت هاي ريه ، (( اِدِم )) ايجاد ميشود. تورم مغزي ممكن است توام با تورم ريوي و يا بدون آن باشد . در اين حالت مغز و ريه قادر به ادامه فعاليت طبيعي خود نبوده و علايم تورم مغزي و يا ريوي ايجاد مي شود .
تورم مغزي و علائم آن ( اِدِم مغزي )
چنانچه تورم مغزي پس از وقوع معالجه نشود به سرعت گسترش يافته و در عرض چند ساعت به زندگي شخص خاتمه مي دهد.شخص در اين حالت دچار اختلال حواس ،انجام اعمال عجيب و غريب و گفتن كلمات بي معني و خواب آلودگي مي شود و معمولا ازدرك وضعيت بحراني خود و اينكه دچار بيماري شديد شده است عاجز مي ماند.به همين دليل هيچگاه نبايد آنها را تنها گذاشت. در اين زمان شخص به هنگام راه رفتن تلوتلو مي خورد و قادر به حركت در يك خط مستقيم نمي باشد.( كه اين خود بهترين آزمايش براي تشخيص تورم مغزي مي باشد)اولين اقدام ،پس از تشخيص تورم مغزي،هدايت كردن بيمار به ارتفاع پائين تر است.همانطور كه اشاره شد متاسفانه اين مشكلات اغلب در شب اتفاق مي افتد.هنگامي كه انتقال بيمار به پائين بسيار مشكل تر از روز است، تاخير در كم كردن ارتفاع و موكول كردن كار به فردا ممكن است باعث از دست رفتن جان بيمار شود . بنابراين لازم است سريع نسبت به انتقال بيمار به ارتفاعي كه شب قبل را راحت در آن گذرانيده و يا حداقل به ۷۰۰-۶۰۰ متر پائين تر اقدام شود.
تورم ريوي ( اِدِم ريوي )
جمع شدن مايعات در بافت هاي ريه باعث تورم ريه شده و علائمي مانند : خستگي مفرط ، تنگي نفس حتي در زمان استراحت، سرفه هاي شديد همراه با خلط آبكب و معمولا صورتي رنگ ، قل قل كردن ريه هنگام تنفس به همراه خرخر و كبود شدن ناخن ها و لب ها را به وجود مي آورد . لازم به ذكر است كه گاه اين علائم بدون وجود علائم ديگرِ مربوط به كوه گرفتگي مانند : سردرد،تهوع و استفراغ و بدخوابي و گاه همراه آن ديده مي شود. اين بيماررا درست مانند كساني كه به تورم مغزي مبتلا شده اند بايد سريعاً به پائين منتقل كرد .
خوشبختانه انتقال سريع به پائين ، هم تورم مغزي و هم تورم ريوي را به سرعت بهبود مي بخشد و بيمار پس از رفع عوارض كه نشان از هم هوائي دارد مي تواند با توجه به همه شرايط صعود خود را ادامه دهد .
قانون طلائي شماره سه : " در صورت وخامت اوضاع ، بيمار سريعاً فرود آوريد"
همان طور كه اشاره شد بيمار معمولاً قادر به تشخيص وضع خود نمي باشد.
بنابراين :قانون طلائي شماره چهار : "هيچ گاه شخص مبتلا به بيماري حاد كوهستان را تنها نگذاريد "
درمان داروئي كوه گرفتگي:
علاوه بر توقف در ارتفاعي كه در آن دچار كوه گرفتگي شده ايم و يا كم كردن ارتفاع ،در صورت شدت عوارض لازم است به تجويز دارو بپرداريم.
مسكن ها :
براي رفع سردرد مي توان از مسكن هاي ملايم استفاده ؛ مانند استامينوفن و بروفن ( اين دارو به علت ايجاد پوكي استخوان از فارماكوپ داروئي خارج شده است )
به ياد داشته باشيد كه از مسكن هاي مخدر دار مانند استامينوفن كودئين دار نبايد استفاده كرد زيرا مخدرها باعث كند كردن حركات تنفسي مي شود كه در اين شرائط خطر ناك است.
استازولاميد – DIAMOX
اصلي ترين و مؤثرترين دارو در معالجه و گاه پيشگيري كوه گرفتگي استازولاميد مي باشد.مكانيسم اثر اين دارو از طريق تحريك كليه ها به ترشح مقدار بيشتر بيكربنات از خون به ادرار و برگرداندن حالت قليائي خون كه در اثر تنفس سريع ايجاد شده است به حالت اسيدي و ايجاد تعادل اعمال مي گردد.به اين ترتيب عوارض ناشي از كوه گرفتگي مثل قطع و وصل تنفسي شبانه و بقيه عوارض بهبود يافته و يا به طور كامل از بين مي روند. مي توان گفت كه كار اين دارو كمك به هم هوائي و تسريع در ايجاد آن مي باشد . مهمولا براي هر ارتفاعي هم هوائي بين ۴۸-۲۴ ساعت انجام ميشود؛ با كمك استازولاميد اين زمان را ميتوان به ۲۴-۱۲ ساعت تقليل داد.لازم به ذكر است به هيچ وجه نبايد در شرايط عادي براي هم هوا شدن از اين دارو استفاده كرد ؛ زيرا اين احتمال وجود دارد كه مصرف دارو سبب عوارض جانبي و كم اهميت مانند :بي حسي،خواب رفتگي،مورمورشدن دست و پاها و يا ايجاد صدا در گوش و اختلال در چشائي و بينائي گردد. لازم به ذكر است كه اين عوارض معمولا با قطع دارو به تدريج از بين ميرود.
مواردي كه مي توانيم و بايد از استازولاميد استفاده نمائيم :
۱- درمان اختلالات تنفسي شبانه
۲- در زماني كه نياز به صعود سريع به ارتفاعات داريم
۳- در كساني كه سابقه ابتلا به بيماري را در صعودهاي قبلي داشته اند
لازم به ذكر است كه استازولاميد از خانواده سولفاميدهاست و كساني كه به اين قبيل داروها حساسيت دارند نبايد از آن استفاده كنند. ( به طور كلي دارو بايد زير نظر پزشك مصرف شود )
با توجه به اينكه به چه منظوري از اين دارو استفاده مي شود دوز(ميزان) دارو متفاوت است :
۱ – براي سرعت بخشيدن به هم هوائي : ۲/۱ قرص ( قرص هاي ۲۵۰ ميلي گرمي) هر ۱۲ ساعت يك بار يك تا دو روز پيش از صعود به ارتفاعات بيش از ۳۰۰۰ متر. خوردن دارو بايد تا سه روز پس از رسيدن به ارتفاع نهائي مورد نظر ادامه يابد.
۲ – براي درمان قطع و وصل تنفسي شبانه ۲/۱ قرص ، يك ساعت قبل از خواب
۳ – براي درمان كوه گرفتگي شديد ( تورم مغزي و ريوي ) روزي ۳-۲ قرص به مدت سه روز
باورهاي اشتباه در مورد اين دارو :
با توجه به اثرات معجزه آساي اين دارو افسانه ها و توهماتي در مورد آن در بين كوهنوردان رايج شده است مثلا :
۱ – استازولاميد مشكل كوه گرفتگي را به طور كامل حل كرده است !!!
اين طور نيست ، فقط زمان هم هوائي كوتاه مي شود. چنانچه صعود سريع در پيش باشد تنها ؛ خوردن استازولاميد نمي تواند همه مشكلات را از بين ببرد عدم توجه به اين واقعيت مي تواند خطر جاني در پي داشته باشد.
۲ – با خوردن استازولاميد مي توانيم با وجود داشتن علائم كوه گرفتگي به صعود ادامه دهيم!!!
واقعيت جز اين است . در صورت بروز علائم حتماً بايد در همان محل ماند و يا به پائين تر آمد، حتي در خوردن اين دارو قانون طلائي دو را به خاطر داشته باشيد.
۳ – قطع دارو باعث تشديد علائم مي شود!!!
خير با قطع دارو وضع بيمار تغيير نمي كند. در حقيقت وضعي پيش مي آيد مانند زماني كه دارو استفاده نشده است .
دكزامتازون
داروي ديگري كه در معالجه كوه گرفتگي بسيارمؤثراست دكزامتازون از خانوادة استروييدها ( كورئن ) هاست. لازم است اين دارو حتماً تحت نظر پزشك مصرف شود.
كيسه فشار
براي ايجاد وضعيت عادي شبيه وضعيت هوا در كنار دريا از كيسه مخصوص كه هواي داخل آن شبيه هواي كنار درياست در ارتفاعات بالا استفاده مي شود. بيمار را براي مدتي در آن قرار دهيد تا به حال عادي برگردد.
چند نكته بسيارمهم :
۱- هر سردردي به علت كوه گرفتگي نيست. بسيار اتفاق مي افتد كه بدون داشتن علائمي چون : تهوع،استفراغ،ضعف و خستگي دچار سردرد شده ايم .اين سر درد اغلب در اثر كم آبي بدن ايجاد مي شود و با نوشيدن مقداري آب درد از بين مي رود. به ياد داشته باشيم كه سر درد در اثر كوه گرفتگي معمولا در پيشاني ايجاد مي شود. نوشيدن روزانه 7-6 ليتر آب درارتفاعات توصيه مي شود.
۲- از مصرف : مشروبات الكلي،قرص هاي خواب آور،مسكن هاي مخدر اجتناب نمائيد.
۳- چنانچه در موقع هم هوا شدن دچار تكرر ادرار نشده ايد ، به احتمال زياد به علت كم آبي بدن است ، نوشيدن آب را فراموش نكنيد. به ياد داشته باشيد كه بدون ازدياد ادرار هم هوا شدن مقدور نيست.
۴- قوانين طلائي كوه گرفتگي را فراموش نكنيد:
قانون طلائي پنج : " مهم اين نيست كه به اين بيماري دچار شويم مهم اين است كه به دليل آن جانمان را به مخاطره نيفتد."
ماخذ: فصلنامه كوه شماره ۴۰ پائيز ۱۳۸۴/ دكتر محمد رفيع جلالي
اميدوارم با علم به مطالب فوق صعود هاي شيرين و زيبائي داشته باشيد.مطلب از سید جواد سقاء رضوی
» تعريف ارتفاع بلند : 1. از ارتفاع 1500 تا 3000 متر را ارتفاع بلند مي گويند. 2. از ارتفاع 3000 تا 5500 متر را ارتفاع خيلي بلند مي گويند. 3. از ارتفاع 5500 به بالا را ارتفاع نهايي مي گويند.اصل اساسي صعود به اين ارتفاعات هم هوايي مي باشد. چنانچه هم هوايي به خوبي انجام شود مشكلي در صعود نخواهيم داشت. گرچه ممكن است ارتفاع زدگي در ارتفاع 2500 متري و يا كمتر اتفاق بيفتد ولي معمولا اين مشكل در ارتفاعات بالاتر از 3000 متر مشاهده مي شود.» تطابق بدن با كمبود اكسيژن كه در ارتفاعات با آن روبه رو هستيم طي روندي كند، طولاني و با مكانيسمهاي زير انجام ميشود : 1. ازدياد دم و بازدم (نفس، نفس زدن) 2. ازدياد ادرار (غلط تر شدن خون به دليل ازدياد ادرار) 3. ازدياد گلبول هاي قرمز به دليل تسريع در ساخت آنهاوقتي به ارتفاعات صعود مي كنيم و يا با هواپيما به بالا مي رويم فشار هوا كم و در حقيقت هوا رقيق تر مي شود كه موجب هيپوكسي مي شود (هيپوكسي يعني كاهش اكسيژن موجود در بافتها) گرچه در هر هوايي و در هر ارتفاعي ميزان درصد اكسيژن (21%) تغييري نمي كند اما تعداد مولكول هاياكسيژن در هواي رقيق كمتر مي شود و در نتيجه بدن براي رفع نياز خود به اكسيژن به تلاش بيشتري مي پردازد. گفتيم كه اولين مكانيسم هم هواييازدياد ميزان تنفس است. اين كار خود به افزايش سوخت و ساز و در نتيجه توليد بيشتر ميزان گازكربنيك منجر مي شود. لازم به ذكر است كه در مغر دو مركز براي كنترل تنفس وجود دارد يكي با كمبود اكسيژن و ديگري با ازدياد گازكربنيك فعال مي شود. البته ازدياد گازكربنيك اثري بسيار قوي تر از كمبود اكسيژن بر مغز مي گذارد. همچنين دوگانگي مراكز تنفس در مغز و تعارضي كه در شرايط خاصي بين اين دو مركز به وجود مي آيد باعث پديده قطع و وصل
تنفس در شب و در ارتفاعات بالا مي شود كه يكي از مشكلات كوهنوردان را در ارتفاعات تشكيل مي دهد. از آنجايي كه زمان قطع تنفس هنگام خواب حتي به 10-15 ثانيه نيز مي رسد عدم اطلاع از اين پديده ممكن است باعث وحشت كوهنوردان در هنگام شب گردد. زماني كه با نفس كشيدن خود و يا يكي از همنوردان كه در خواب است مواجه شويم اين پديده بايد مورد درمان دارويي قرار گيرد. اين پديده به همراه علايم ديگري از عوارض عدم هم هوايي است كه با هم بيماري حاد كوهستان خوانده مي شود.» چنانچه بدون هم هوايي به ارتفاعات بالا صعود نماييم واكنش بدن به كمبود اكسيژن با علايم زير خودنمايي مي كند :
1. بي اشتهايي، تهوع و استفراغ 2. خستگي و ضعف 3. گيجي و منگي و سردرد 4. بي خوابي (قطع و وصل تنفسي) 5. عدم تشخيص صحيح (قاطي كردن) 6. خواب هاي آشفته
» چه كساني به اين عارضه دچار مي شوند :واقيعت اين نيست كه هر كس كه به ارتفاعات بالا صعود نمايد در معرض ابتلا به اين بيماري قرار مي گيرد. عامل اصلي ابتلا يا عدم ابتلا سرعت صعود است، هر چقدر سريعتر صعود نماييم امكان بروز بيماري بيشتر مي شود. ابتلا به اين عارضه هيچ ارتباطي به سن، جنس، آمادگي بدني، صعودهاي موفق قبلي ندارد. همين طور اقرار به ابتلا به اين بيماري به هيچ وجه از شايستگي هاي كسي نمي كاهد. پس نبايد هيچ وقت علايم را مخفي كرد.
» چگونه مي توان از كوه گرفتگي جلوگيري كرد : 1. از 3000 متر به بالا محل خواب هر شب نبايد از حدود 300 متر از محل خواب شب قبلي بالاتر باشد. به زبان ديگري بايد حداقل يك شب را در اين ارتفاع بگذرانيم. 2. از ارتفاع 3000 متر به بالا به ازاي هر 1000 متر كه به روش فوق صعود مي شود بايد دو شب را در آن ارتفاع سپري نمود. 3. صعود به ارتفاع بالا، خواب در ارتفاع پايين. (چون مشكل اصلي خواب در ارتفاع بالا است)
با تشکر از اقای حاجی خیاط
شاید شما از آن دسته کوه نوردانی باشید که سالی چندبار پا بر دامنه ها می گذارید و البته در آن معدود دفعات نیز سعی دارید تا قله ای مرتفع در اطراف شهرتان را صعود نمائید.
شاید هم کوه نوردی حرفه ای باشید که هر چند سال یکبار به قلل مرتفع خارج از کشورتان صعودهایی را تدارک می بینید.
چیزی که در میان تمامی انسانها در صعود به قلل مرتفع مشترک است نیاز ی است که ایشان به تطابق با ارتفاع یا هم هوایی acclimatization دارند. در واقع هر انسانی که قصد صعود به ارتفاعی بیش از ارتفاع محل زیست خود را دارد نیاز است تا ابتدا خود را از لحاظ آمادگی جسمانی به حدی مطلوب برساند. بخشی از این افزایش آمادگی جسمانی تطابق با ارتفاع یا هم هوایی است.
در این مقاله سعی دارم تا الگوهای تجربی رایج و پر طرفدار هم هوایی در صعود به قلل مرتفع را تشریح نمایم. در این روند تنها از تجربیاتی بهره گرفته ام که طی چند سال و با شرکت در چند برنامه کوه نوردی حاصل شده, لذا وجود ایرادات علمی بر آن دور از ذهن نیست. همچنین تا حد امکان تلاش نموده ام تا به آسانترین و قابل فهمترین شکل ممکن مطلب را بیان نمایم. امیدوارم خواندن این مقاله برای آن دسته از دوستانی که تنها با امید به دارا بودن قدرت بالای بدنی به کوه میروند و البته ناکام باز می گردند پاسخی باشد بر ایرادات صعودشان.
شیوه های صعود به قلل مرتفع
کوهی را تصور کنید با 3 مرحله کمپ در ارتفاع بالا, در حالی که کمپ اصلی این کوه نیز در ارتفاعی برابر با بلندترین کوههای محل زندگی ما قرار دارد. بطور مثال کمپ اصلی کوه اورست در ارتفاع 5360 متری است یا کمپ اصلی چوآیو در 5600 متری قرار گرفته. دقت کنید شما قرار است بیش از 50 روز را در ارتفاعی نزدیک به قله دماوند بمانید در حالی که تعداد کمی از روزهای صعودتان را هم بالاتر از کمپ اصلی به سر می برید.
این امر در کوههای کم ارتفاعتر نیز صادق است, مثلا ارتفاع کمپ اصلی کوه پرطرفدار لنین در پامیر 3700 متر است یا کمپ اصلی کوه خان تنگری در تیان شان در ارتفاع4000متری بر پا می شود که درست ارتفاعی است برابر با قلل مرتفع رشته کوههای البرز و زاگرس.
همانطور که می دانیم مهمترین عاملی که ما را نیازمند هم هوایی می کند کمبود فشار سهمی اکسیژن در ارتفاع است. گرچه در هر هوايي و در هر ارتفاعي ميزان درصد اكسيژن (21%) تغييري نمي كند اما تعداد مولكول هاي اكسيژن در هواي رقيق كمتر مي شود و در نتيجه بدن براي رفع نياز خود به اكسيژن, به تلاش بيشتري مي پردازد. همین مسئله ساده توجیه گر نیاز بدن به تطابق با ارتفاع بالا است.
حال نخستین واکنش بدن در مقابله با این کمبود اکسیژن افزایش تعداد تنفسها به شکل ارادی یا غیر ارادی است, نکته ای که بخصوص در یکی دو شب نخست اقامت در کمپ اصلی و بویژه هنگام خواب با آن مواجه خواهیم شد. گرچه عوارض ارتفاع گاها تنها به همین مورد خلاصه نشده و علاوه بر افزایش تعداد تنفس شاهد: بي اشتهايي، تهوع و استفراغ, خستگي و ضعف, گيجي و سردرد, بي خوابي (قطع و وصل تنفسي) , عدم تشخيص صحيح, خواب هاي آشفته و ... نیز خواهیم بود.
آغاز صعود:
آغاز هر صعودی باید همراه باشد با لمس ارتفاع بالاتر و بازگشت به کمپ پائینتر. در واقع این شیوه تاییدی است بر اصل صعود به ارتفاع بالا، خواب در ارتفاع پايين. باید بدانیم تاثیر لمس کمپ بالا همراه است با افزایش گلبولهای قرمز جهت اکسیژن گیری بهتر. این نکته که همراه است با افزایش غلظتهای هماتوکریت و هموگلوبین ضرورتا نمی تواند مفید باشد, چرا که افزایش غلظت خون از عوازض آن است.
در هر صورت بدن این آمادگی را دارد روز بعد یا روزهای بعد برای شب مانی در ارتفاع بالاتری کمپ اصلی را ترک نماید. این روند تا لمس آخرین کمپ باید ادامه یابد, یعنی لمس کمپ بالاتر, بازگشت برای شب مانی به کمپ پائین و مجددا روز بعد صعود برای شبمانی به کمپ بالاتر. بدین شکل با لمس آخرین کمپ و بازگشت به کمپ اصلی پروسه هم هوایی به انتها خواهد رسید.
اینک پس از چند روز استراحت در کمپ اصلی و تغذیه بهتر می توانید با اتکال به وجود کمپهای بالاتر صعود نهایی را به شکل پله ای و کمپ به کمپ آغاز نمائید.
الگوهای تجربی در هم هوایی
در مناطق مختلف عموما شاهد شیوه های مختلفی در هم هوایی خواهید بود. به طور مثال شیوه های هم هوایی روسها با غربیان متفاوت است و ایشان بر اساس پارامترهای تجربی خود هم هوایی می کنند.
در واقع روسها آنچیزی را که به عنوان لمس کمپ بالاتر از آن یاد کردیم اجرا نمی کنند و پس از صعود به کمپ بالا نخستین شب را در آنجا اطراق می نمایند. ایشان معتقدند در صورتیکه فرد پس از یک شب اقامت در ارتفاع بالاتر دچار مشکل شد می باید روز بعد به کمپ پائینتر یا کمپ اصلی بازگردد, و در صورتیکه وی شب را بدون مشکل یا با کمترین مشکل سپری کرد می تواند به ارتفاعی بالاتر صعود و خود را در ارتفاعی فراتر هم هوا نماید.
این روند شاید برای آن دسته از کوه نوردانی که در مکانی بیش از ارتفاع معمول شهرها (1500 متر) زندگی می کنند طبیعی باشد, اما برای سایر کوه نوردان, بخصوص کوه نوردان غربی که در شهرهایی با ارتفع کوتاه ساکن هستند می تواند خطرناک باشد.
هم هوایی در صعودهای آلپی
سال 1980 راینولد مسنر در صعود انفرادی خود به اورست دوره هم هوایی خود را تنها در مدت 2 شب و سه روز سپری نمود (البته وی پیش از حضور در تبت دوره ای را بر روی کوه کلیمانجارا به تمرینات بدنسازی و هم هوایی پرداخته بود). در واقع مسنر پس از رسیدن به کمپ اصلی و چند روز اقانت در آنجا به تنهایی به سمت گردنه شمالی در ارتفاع 7500 متر حرکت کرد. وی در بازگشت و با چند روز استراحت مطلق در کمپ اصلی خود را مهیای صعود نهایی به اورست نمود. وی نهایتا در تلاشی سه روزه توانست از جبهه شمالی به قله اورست دست یابد, مسنر در بخشی از مسیر صعود با گذر عرضی (تراورس) از راهی نو خود را به دهلیز شمالی رسانده و از آنجا راهی قله شد.
امروزه کوه نوردانی که قصد صعود سبکبار (آلپی) را دارند با همین شیوه خود را به اوج هم هوایی رسانده و در نهایت آماده و مهیای صعود به قلل مرتفع می شوند.
نکته:
- هنگام رسیدن به کمپ اصلی برای آغاز صعود تعجیل نکنید و ترجیحا یک یا چند روز نخست را به استراحت بپردازید. این امر بویژه برای کسانیکه قصد صعود به قلل مرتفع و صعب العبور پامیر و تیان شان را دارند و با بالگرد وارد کمپ اصلی می شوند الزامی است.
- ارتفاع زدگی عاملی نیست که تنها با صعود به ارتفاع بالاتر حادث شود, بلکه مهمترین امر در ارتفاع زدگی سرعت زیاد صعود به ارتفاع بالاتر, شدت بالای فعالیت و میزان زیاد حمل بار می باشد.
- باید بدانیم هر ارتفاعی نیازمند هم هوایی اختصاصی است و برای رسیدن به هر کمپی می باید پروسه هم هوایی شامل لمس کمپ بالا, بازگشت به کمپ پائینتر و بعد صعود و شب مانی در کمپ بالاتر را اجرا کنیم.
- در طول دوره هم هوایی نیاز به شبمانی در کمپ آخر نیست و همان لمس کمپ آخر می تواند بیشترین تاثیر را در هم هوایی نهایی داشته باشد و باید بدانیم در ارتفاع بالای 7000 متر نه تنها تطابق با ارتفاع معنا ندارد, بلکه پس رفت نیز حادث می شود.
- تغییرات آب و هوا و خرابی هوا بیشترین نقش را در بهم زدن روند هم هوایی دارد.
- گاهی بدلیل عدم تطابق با ارتفاع, ممکن است نیاز به چند روز اقامت در کمپ اصلی را پیدا کنید, پس بدون داشتن استرس در از دست دادن زمان, سلامتی را بر زود هم هوا شدن ارجح بدانید.
- تفاوتهای فردی قابل ملاحظه ای در توانایی افراد جهت تطابق با ارتفاع وجود دارد. برخی به سرعت با ارتفاع تطابق می یابند و برخی نیازمند دوره های زمانی طولانی تری برای هم هوایی هستند.
- پیش از رسیدن به کمپ اصلی و حتی در کشور خود می توانید پروسه هم هوایی را با صعود به قلل بالای 4000 و 5000 متری در دسترس آغاز کنید. اما باید بدانید هم هوایی امری است کوتاه مدت (حداکثر دو هفته) و به صرف یک چنین هم هوائیی نمی توانید در صعود به قلل مرتفع ریسک نمائید و به سرعت به ارتفاعات بالاتر بروید.
- تطابق با ارتفاع با عدم وجود بیماریهای ناشی از ارتفاع و بهبود کیفیت خواب مشخص می گردد و به اصطلاح معروف:
هر کس در ارتفاع خوب بخورد و خوب بخوابد, خوب هم هوا شده است.
در پایان جا دارد از دوست و استاد بزرگوارم جناب دکتر جلال الدین شاهبازی عضو فدراسیون جهانی پزشکی کوهستان و رئیس کمیته پزشکی کوهستان فدراسیون کوه نوردی و صعودهای ورزشی ایران بدلیل راهنمائیهایشان کمال تشکر و قدردانی را داشته باشم.
منابع:
http://www.chekad-sari.com
http://www.ciesin.org
کتاب همرا پزشکی ارتفاع, دیوید مورداک و اندرو پالارد, ترجمه دکتر جلال ادین شاهبازی و دکتر شهرام محقق
محتویات کیف کمک های اولیه
گردآوری: دکتر حمید مساعدیان بیر کمیته پزشکی فدراسیون کوهنوردی
عضو کمیسیون پزشکی اتحادیه جهانی کوه نوردی
1 . راهنمای استفاده از کیت
2. لیست لوازم کمکهای اولیه
3لیست لوازم بقاء
4.کیف لوازم
لوازم كمكهاي اوليه:
1- چسب زخم بندي 5عدد2- چسب رولي كوچك پارچه اي 1عدد 3- باند كشي 5 سانت 1عدد 4- گاز استريل 4 عدد5- پماد سوحتگي 1 عدد 6- پماد بتادين يا تترا سيكلين 1عدد7- آ بسلانگ 2عدد
8- پنس 1عدد 9- قيچي 1عدد10- پد الكله آنتي سپتيك 1بسته11- قرص استا مينا فون ساده 6عدد12- قرص متو كلو پراميد 6عدد
13- قرص رانيتد ين 6عدد14- پرل نيترو گليسيرين 6عدد15- باند ساده 10سانت 1عدد16- قرص انتي اسيد 6عدد
17- قرص استا زو لاميد 6عدد 18- قرص ديفنو كسيلات 6عدد19- مشمع ضد درد 1عدد20- پودر او آر اس 2عدد
لوازم بقا : 1-سوت 1عدد 2-چراق قوه+باتري كوچك 1عدد+4عدد3-كبريت 1 بسته4-دستمال كاغذي 1بسته
5-پلاستيك ضد آب بزرگ 2عدد6-نخ وسوزن 1عدد 7-دستكش معاينه لاتكس يكبار مصرف 1 جفت8-قرص كلر 4عدد
9-فندك 1عدد10-سنجاق قفلي 3عدد11-ني 2عدد12-پد ضد سرما زدگي انگشتان 1بسته 13-كيسه خواب اورژانس 1عدد
14-قطب نما 1عدد15-چاقوي چند منظوره 1عدد16-مداد و يادداشت 1عدد17- قرص الكل جامد 4عدد
18- مواد غذايي فشرده شده 4عدد
راهنماي مصرف كمك هاي اوليه:
1- با استفاده از دو دستكش معاينه شرايط تميز بودن محيط زخم بندي را رعايت فرماييد.
2- از چسب رولي پارچه اي در موارد زخم بندي هاآتل بندي ها و هم چنين در ترميم چادر و كيسه خواب وغيره مي توا نيد استفاده نماييد.
3- پس از مصرف پمادها درب انها را محكم ببنديد تا از شستشو الوده كردن ساير لوازم پيشگيري شود.
4- از آبسلانگ جهت اتل بندي انگشتان صدمه ديده مي توان استفاده كرد.
راهنماي مصرف داروها:
موارد مصرف قرصها به شرح زير است:
|
ردیف |
نام دارو |
نحوه مصرف |
موارد مصرف |
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1 |
قرص استامینیفون |
هر 6 ساعت |
سر درد- التهاب- سرما خوردگي - كوفتگي |
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2 |
قرص متو كلو پراميد |
هر 6 ساعت |
سر گيجه- تهوع-استفراغ |
|
3 |
قرص رانيتيدين |
قبل از غذا |
سوزش سر دل-تهوع-درد سر دل-زخم معده |
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4 |
قرص آنتي اسيد |
بعد از غذا 1-2 عدد |
ترش كردن- سوزش سر دل |
|
5 |
قرص ديفنو كسيلات |
هر 6 ساعت 1عدد |
دل درد- اسهال- دل پيچه |
|
6 |
قرص استا زو لاميد |
هر 6 ساعت 1 عدد |
ارتفاع زدگي- بي خوابي در ارتقاع - سردرد در ارتفاع |
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7 |
پرل TNG |
هر 5 دقيقه زير زباني حد اكثر تا 3 عدد |
درد سينه يا سا بقه مشكل قلبي-درد قفسه سينه با حالت تهوع و تنگي نفس و عرق سرد |
تذكرات:
1- با توجه به تاریخ انقضای داروها، باید هر 6 ماه با کنترل داروها، داروهای تاریخ کذشته از دور مصرف خارج و داروهایی با تاریخ اعتبار جدید جایگزین شوند.
2- بهتر است کیف امداد در دمایی بین 2 تا 30 ئرجه سانتی گراد نگهداری شود.
3- هنگامی که چراغ قوه را استفاده نمی کنید، بهتر است باطری های آن را خارج کرده و پیش از هر برنامه باطری نو در آن جایگزین کنید.
4- در صورت مصرف هر کدام از لوازم کیف امداد و نجات، باید در نزدیک ترین زمان و پیش از شروع برنامه ی بعدی آن وسیله را جایگزین کرد.
5- پیش از شروع هر برنامه همه ی لوازم کیف امداد و نجات را با فهرستی که از پیش تهیه کرده اید، کنترل کنید تا موردی جا نماند.
6- داشتن نقشه در جهت یابی و پیدا کردن مسیر صحیح در برنامه های کوه نوردی در درجه نخست قراردارد.
برخي نكات پايه در كوهنوردي 1- هر نفر بايد فهرست مكتوب وسايل را داشته باشد . بر اساس آن وسايل خودش را براي هر برنامه كنترل نمايد تا دربرنامه چيزي كم نياورد. تكيه به حافظه معمولأ پاسخگو نيست.2-داشتن فنون سنگنوردي در حد كلاس كارآموزي واجب است.3-رعايت مسائل زيست محيطي (به ويژه شيشه , فلز و پلاستيك را در محيط رها نكنيم ).4-چه وسايلي را برداريم؟ - لباس, كفش و گتر, كيسه خواب, چادر, كوله, زيرانداز, ظروف و وسايل گرمازائي وآشپزي متناسب با برنامه چراغ قوه كوچك. - در صورت درگيري با برف حتمأ كلنگ و عينك.. - درهر شرايطي يك طناب انفرادي و يك چراغ قوه كوچك . - در صورت احتمال هواي بد پرچم راهنما و عينك ضد طوفان. - در صورت احتمال يخ كرامپون. - با توجه به حساسيت و نوع برنامه ارتفاع سنج , قطب نما و نقشه.5- چگونه لباس بپوشيم؟ لباس بايد لايه لايه باشد. فرمول كلاسيك آن به اين ترتيب است: زيرترين لباس از جنس استرچ يا لباس كشي ترجيحأ زيپ دار(مخصوصأ در زمستان لباس زير نخي نباشد ) , لايه بعدي از جنس پشم و لباس رويي از نوع گرم كن ( نوع پولار از بهترين نوع است ). كت پر , بادگير نفس كش و لباس ضد آب (گورتكس ) در صورت موجود نبودن گورتكس از بادگير معمولي و پانچو مي توان استفاده نمود.
6- چگونه حركت كنيم؟ فرمول كلاسيك آن عبارتند از:
- هماهنگي قدم با نفس , تنظيم سرعت حركت با شيب و سختي مسير. - در تابستان استراحت در فواصل معين و در جاهاي بدون باد. - در زمستان حركت مداوم. - نه خيلي سريع و نه خيلي آهسته ( معمولأ ابتدا آهسته و پس از گرم شدن تندتر ). - حركت با چشم باز, با توجه به اطراف و مسير بازگشت و با توجه به فواصل و موانع و زمانها . - در صورت لزوم يادداشت برداري و جمع آوري هر چه بيشتر اطلاعات. - با احتياط و بدون خطر كردن زياد.
7- چگونه غذا بخوريم؟
فرمول كلاسيك هرم غذايي: چربي-----------نشاسته---------------------قند - دفعات بيشتر- مقدارهردفعه كمتر
- آب زيادتر و به ويژه در زمستان نوشيدني حتمأ گرم و شام مقوي استفاده شود.-نخوردن برف , مخلوط كردن آب برف با چيزي مانند سانديس , آب كمپوت , پودر ميوه , شكر و آبليمو, قند يا….
8-چه وقت حركت كنيم ؟ - مخصوصأدرزمستانها : صبح زودبايد حركت كرد چون روز كوتاه است و استفاده از روشنايي اواخر روز براي چادرزدن ضروري است. - توجه به نوع برنامه (زمستاني يا تابستاني بودن برنامه ). - نبايد در تاريكي به نقاط مشكل برخورد كنيم و در هواي بد نبايد حركت خود را آغاز كنيم بلكه بايد منتظر هواي خوب بمانيم.
9-در برخورد با هواي بد چه كنيم؟
همواره مسير بازگشت را در نظر داشته باشيم و اگر هواي بد زود گذر است (مثلأ در بهار ) آرام بگيريم تا بگذرد و اگر مداوم و طولاني است (مثلأ در زمستان ) بر دستيابي به هدف اصرار نكنيم.
10-با ارتفاع زدگي چه كنيم؟ - در صورت بروز ناراحتي خيلي سريع ارتفاع نگيريم و در صورت تشديد ناراحتي ارتفاع را كم كنيم. - در برنامه هاي بلند به بالاتر صعودكنيم و در پائين تر شب ماني هم هوايي كنيم (هم هوايي انطباق بدن با كاهش فشار هوا و كاهش مقدار اكسيژن است ). - به هنگام سردردهاي جزئي از مسكن هاي مناسب استفاده كنيم.
11-مسائل سرپرستي چيست؟ ايجاد هماهنگي , تقسيم كار و كنترل انجام وظايف.
12- براي اطلاعات بيشتر كتاب فنون كوهنوردي تأليف: شهريارمحمدبيگي و شماره هاي مختلف فصل نامه كوه و نيز آموزش نوين كوهنوردي تأليف رحيم دانائي را مطالعه كنيد.
گردآورنده : هادي فوقاني
با تشکر از استاد حاجی خیاط
ا رتفاع زدگي چيست و چرا عارض مي شود و چه بايد كرد ؟
در صعود به ارتفاعات ؛ عارضه شايع در بين افرادي كه كمتر به ارتفاعات صعود كرده اند ؛ عارضه معروف ارتفاع زدگي است . عوامل محيطي و فيزيوتوژيك مختلفي دست به دست هم داده و در نهايت ارتفاع زدگي عارض مي شود . اگر بصورت ساده و خلاصه وار بخواهيم اين عارضه را بررسي كنيم ؛ بايستي بگوييم كه با بالاتر رفتن از ارتفاعات ؛ از فشار هوا كاسته شده و مقدار اكسيژن موجود در هوا نيز رقيق تر مي شود . بدن انسان در كنار كار عضلاني شديد ( صعود از كوه ) كه اكسيژن بيشتري نياز دارد؛ با كاهش فشار هوا و نيز رقيق تر شدن اكسيژن موجود در هواي تنفسي مواجه مي گردد. كاهش فشار هوا سبب مي گردد كه اكسيژن كمتري در ريه ها جذب هموگلوبين خون شود و رقيق تر شدن اكسيژن نيز مشكل را دو چندان كرده و با هر دم ؛ مقدار كمتري اكسيژن وارد ريه ها شده و نهايتا اكسيژن كمتري جذب خون مي گردد . لذا بدن فرد با كمبود اكسيژن مواجه شده و فعل و انفعالات هورموني ويژه اي كه به دستور مغز صورت مي گيرد ؛ باعث بالارفتن فشار خون مي شود تا خون بيشتري از ريه ها عبور كرده و اكسيژن مورد نياز بدن جذب هموگلوبين شود . اين شرايط ( بالا رفتن فشار خون كمبود اكسيژن خون و فعاتيت شديد ) باعث بروز عارضه معروف " ارتفاع زدگي" مي شود كه با خستگي ؛ سردرد ؛ تمايل شديد به خواب ؛ احساس ضربان دردناك نبض در شقيقه ها؛ تهوع ؛ استفراغ .....مشخص مي گردد . تحت اين شرايط بايستي از ادامه صعود خودداري كرده و فرد را در محل مناسبي خوابانده و پتويي را زير سر او قرار داده و پاهاي او را بالاتر از بدنش نگه داشت . كشيدن دستمال خيس به سر و صورت و پيشاني و گيجگاه فرد باعث آرامش وي خواهد گرديد . خوراندن چاي و يا شربت آبليمو بسيار مناسب است . اگر ملاحظه شود كه با اين تدابير حال فرد بهتر نمي شود بايستي نسبت به انتقال او به ارتفاعات پايين تر اقدام نمود . چنين فردي پس از چند بار صعود به ارتفاعات بالاتر و اقامت در آن ارتفاعات ؛ كمتر دچار اين عارضه خواهد شد چرا كه " هم هوايي " انجام گرفته و بدن فرد به عوارض ارتفاعات بالاتر عادت خواهد كرد
(( حميد مقدم ))
چگونه از ارتفاع زدگی جلوگیری کنیم
ارتفاع زدگی یا Altitude Sickness مشکل یا بیماری موقتی است که در اثر قرار گرفتن در ارتفاع زیاد و کاهش فشار و سطح اکسیژن موجود در هوا برای افراد ایجاد می گردد که عوارضی چون خون دماغ، تهوع و ... را به همراه دارد. به منظور جلوگیری از این مشکل می بایست که به آرامی و به مرور ارتفاع خود را افزایش دهید تا بدن شما به ارتفاع عادت نماید. یک داروی مناسب و گیاهی جهت جلوگیری از این عارضه قرص های جینکو (Ginkgo biloba) است. این قرص ها از برگهای درختی به همین نام استخراج و در کشور چین سابقه مصرف آن به 5000 سال پیش بر می گردد. این گیاه برای تقویت حافظه نیز مناسب است. در هر روز دو عدد قرص 100 میلیگرمی و از چند روز قبل از کوهنوردی نیز شروع به استفاده از این دارو نمایید. اثر دیگر این دارو افزایش جریان خون به اندامها و گرم ماندن آنها بخصوص دستها و پاها و جلوگیری از سرمازدگی است.
ارتفاع زدگی سازگاری به ارتفاع
هراندازه که طول توقف شمادربیشتر باشد اجرا اعمال ورزشی حاصله بهترخواهدبود.تعداد هفته ها لازم جهت ایجاد سازگاری بستگی به ارتفاع دارد مثلادر9000 پائ 7 تا10در12000 پائ 15تا21 روز زمان لازم است اینهازمان تقریبی است وبه مقدارقابل توجهی بستگی به خود شخص دارد.در حقیقت معدودی از افراد هرگز به ارتفاع خو نمی گیرند وهنگامی که درارتفاع قرار می گیرند دایما״از کوه گرفتگی رنج می برند.این اشکال حتی برای کسانی که درارتفاعات بدنیا آمده باشندو بزرگ شده باشند پیش میاید. این افراد به دلیل نامعلوم به سازگاری قبلی درخود را ازدست داده وبه کوه گرفتگی دچار می شوند.عوارض آن شامل آماس ریوی(congestion of lungs)،قی واستفراغ،سردرد،سرعت ضربان قلب وآنورکسی(بی اشتهایی)است.درشرایط کمبود اکسیژن درارتفاع انتظار داریم که متابولیسم غیر هوازی درهنگام فعالیت بدن به علت محدودیت اکسیداسیون افزایش می یابد که تولید اسید لاکتیک درهر میزان کار معین افزایش یابد.این اتفاق درواقع رخ می دهد ،به غیر از فعالیت باشدت بیشینه ،که درهنگام انجام آن میزان تجمع اسید لاکتیک درعضلات و خون کمتر است. کاهش تجمع اسیدلاکتیک درفعالیت بیشینه به علت ناتوانی بدن دررسیدنبه میزان کاری است که بتواند بردستگاههای انرژی موثر باشد
عملکرد در ارتفاع
مشكل بودن فعالیت درارتفاع توسط بسیاری از کوهنوردان تشریح شده است .ای.جی.نورتون توضیحات زیررادرموردزمانی که بدون اکسیژن اضافی به ارتفاع8600متر(28208فوت)صعود میکرد اظهار کرده است:((گام های ماسست وناتوان بود.آرزوی من این بود که 20گام متوالی به سمت بالا بدون استراحت بردارم ،من هرگز به یاد نمی آورم که به آن آرزو رسیده باشم.))
درواقع درشرایط کمبود اکسیژن درارتفاع انتظارداریم که متابولیسم غیر هوازی درهنگام فعالیت بدنی به علت محدود بودن اکسیداسیون افزایش یابد تا نیازهای انرژی بدن راتامین نمایند ودرنهایت تولید اسیدلاکتیک در هرمیزان کار معین افزایش می یابد.چندین پژوهش عادت انسان رابه ارتفاع مورد بررسی قرار داده اند، وقتی مردم برای روزها وهفته ها درارتفاع قرار می گیرند،بدن آنها به تدریج با اکسیژن کمتر در هوا سازگاری پیدا می کند.با این حال هر چقدر سازش پذیری آنها در ارتفاعات بالا خوب انجام بگیرد ،باز نمی توانندکمبود اکسیژن رابه طور کامل جبران کنند.
*شيوه صحيح گام برداشتن در كوه:
قبل از هرچيزي بد نيست بدانيم که تنها راه جلوگيري از ساييدگي مفاصل زانو علاوه بررعايت نکات زير ، تقويت ماهيچه هاي چهار سر زانو ( بالاي زانو ) مي باشد. بهترين تمرين براي تقويت اين ماهيچه ها ، دويدن هاي منظم و مناسب
مي باشد.اگر زمان ومکان مناسبي براي دويدن نداريد مي توانيد از روش ساده و بسيار کارآمد زير استفاده کنيد:
برروي يک صندلي بنشينيد ؛ جفت پاهاي خود را بالا بياوريد و آنها را صاف در مقابلتان قرار دهيد. چند ثانيه اي نگه داريد و بعد رها کنيد و دوباره تکرار کنيد. روزهاي بعد مي توانيد با قوي تر شدن ماهيچه هاي پا ، مدت بيشتري آنها را بالا نگاه داريد و يا حتي وزنه هاي کمي مثل کتاب يا بالشت بر روي آن قرار داريد و تعداد دفعات تکرار را افزايش دهيد.
با رعايت يك سري قواعد ساده مي توانيم با گام برداري صحيح و تقسيم انرژي مناسب از آسيبهاي رايج ورزش كوهنوردي اجتناب كنيم. خيلي از دوستان همنورد را مي شناسم كه به علت رعايت نكردن همين اصول ساده ، زانوهاي خود شان را به دست فيزيوتراپها سپرده اند.
در ورزش كوهنوردي اصلي ترين تحرك بدن بر روي پا ها صورت مي گيرد و بيشترين فشار برروي مفاصل زانو و مچ پا مي باشد. رعايت كردن مواردزير موجب كاهش فشار و شوك وارده بر روي اين نواحي مي باشد:
1- هنگام را هپيمايي بايد تمام كف پا را روي زمين گذاشت و پاي باردار ( پايي كه وزن بدن را تحمل مي كند) تا حد امكان بايد به صورت مستقيم قرار گيرد تا فشار وزن بدن از روي ماهيچه ها خارج شده وبرروي استخوانها وتاندونها منتقل شود. البته در شرايطي كه مسير داراي شيب تندي بوده ومجبور به حركت مستقيم رو به بالا باشيم ناگزير از پنجه پا استفاده مي شود؛ ولي استفاده از پنجه پا به مدت طولاني باعث خستگي عضلات پشت ساق پا وكشاله ران خواهد شد واثرسويي بر تقسيم انرژي وزمان بندي برنامه خواهد داشت.
2- استفاده از باتوم تلسكوپي ، بصورت جفت، موجب مي شود كه درهر گام برداري وزن قابل توجهي از پايين تنه برداشته شود وبه بالا تنه منتقل شود وتقسيم مناسب نيرو را باعث شود. البته بايد توجه داشت كه بند باتوم به طرز مناسبي به دور مچ انداخته شود تا انگشتان دست زياد تحت فشار نبا شند. همچنين طول باتوم مي تواند متناسب با قد افراد و بسته به صعود يا فرود تنظيم شود.
- به هنگام صعود از حركت در مسيرهاي شن اسكي بايد پرهيز كرد چرا كه با صرف انرژي زياد مسافت كمي پيموده مي شود.ولي در عوض به هنگام فرود در صورت وجود شنسكي در مسير به علت راحتي وسرعت در امر فرود مي توان از اين گونه مسيرها استفاده كرد.البته بايد به ياد داشته باشيم كه در هنگام فرود از اين مسيرها همواره پاشنه پا روي زمين قرار گيرد . همچنين به خاطر بسپاريم كه در هنگام فرود متناسب با ميزان شيب ، زانو ها را خم كرده و به صورت حالت فنري مانند به سمت پايين حركت كنيم.
4- تنفس صحيح موجب مي شود كه سلولهاي بدن به اكسيژن كافي دسترسي پيدا كنند و بدن در توليد انرژي با مشكلي مواجه نشود. البته عواملي چون ارتفاع ، ميزان رطوبت هوا وتعريق بدن ، دما ، شيب ،آمادگي جسماني و... بر نحوه تنفس وكيفيت آن تاثير مي گذارد. توصيه مي شود تا حد امكان دم از طريق بيني و بازدم از طريق دهان صورت پذيرد. چرا كه بيني به خاطر ساختار آن هواي بيرون را مرطوب ودر زمستان گرم كرده وبه سمت ريه ها هدايت مي كند و بدين ترتيب مانع از آسيب ديدن به ريه ها مي شود. البته در هنگام فعاليتهاي شديد ورزشي مي توان از دهان به همراه بيني براي تنفس استفاده كرد. همچنين بايد هر چند وقت يكبار با فشار هواي درون ريه ها را خارج كرد تا بتوان از حجم هواي مرده داخل ريه ها كاست و اكسيژن جايگزين آن كرد.
5- در كوهنوردي جمعي عواملي سرپرست ، راهنما و جلودار و هماهنگي اين سه با هم در موفقيت يك تيم بسيار مهم است. راهنما بايد به توجه به توانا ييهاي افراد وزمان مسير مناسبي را انتخاب كرده، جلودار نيز سرقدمهاي مناسبي داشته باشد و درنهايت سرپرست با هماهنگي هاي لازم باراهنما ، جلودار وعقب دار ونيز اعضاي گروه بتوانند صعود وفرود موفقي داشته باشند.
6- بهتر است شيب هاي بالاي 20 درجه بصورت زيگزاگي صعود شود. البته هر چه شيب بيشتر مي شود بايد زاويه بين دوخط زيگزاگ كمتر وطول مسير زيگزاگ باتوجه به پهناي مانور بيشتر مي شود.
7- نوع حمل كوله پشتي وميزان بار نيز در انجام يك كوهنوردي موفق نقش بسزايي دارد. اگر بار بيش از توانايي فرد كوهنورد باشد در مدت زمان كوتاهي خسته شده وبركمر وستون فقرات وي صدماتي وارد مي شود. همچنين نوع كوله پشتي نيز بسيار مهم است كه بايد با قد افراد وحتي جنسيت افراد متناسب باشد وبتواند با تقسيم بار به تمام قسمتهاي بدن ( بيشتر برروي گودي كمر) كمترين فشار را وارد كند.
به زانوهايتان فشار زيادي نياوريد تا بتوانيد يک عمر از کوهنوردي لذت ببريد.
*کوهنوردي در زمستان:
حتي اگر براي كوهنوردي يك روزه ازمنزل خارج مي شويد خطرات زمستان را دست كم نگيريد . بهمراه داشتن يك كوله كوچك كه در آن لباس گرم – غذاي مقوي يك فلاسكچاي – سوت – دستكش اضافه –چراغ قوه و يك يخ شكن ساده وزن زيادي ندارد . اما اين لوازم مي توانند در موقع لزوم بسيار كار ساز باشند .
در سنگنوردي هاي زمستاني نيزسود بهمراه داشتن يك كوله مناسب با تمامي ابزار صعود و فرود و لوازم اضافي خيلي بيشتر از جا گذاشتن آن در پاي مسير به هواي صعودي سبكبار است .
گاهي بعد از صعود به جاي فرود ممكن است بخواهيم از معابري ديگري به پايين برگرديم كه ممكن است پوشيده از برف باشند . بهمراه داشتن يخ شكن هاي نيم پا در اين مواقع بسيار به ايمني كار مي افزايد .
اگر شيب مسير تند بود و تبر يخ بهمراه نداشتيم مي توانيم از دو قطعه سنگ مناسب كمك بگيريم تا در صورت سقوط احتمالي و ليز خوردن با كمك آنها بتوانيم سريعتر خود را متوقف كنيم .
حفظ خوتسردي در هنگام سر خوردن بر روي برف سفت مهم ترين عامل است . اگر هيچ چيز ( حتي همان تكه سنگ را درست نداريد ) سعي كنيد همانند تصاوير زير بدن را به حالت مناسب در آورده و با فشار دادن دست ها و پنجه پا خود را متوقف كنيد .
تمرين اين عمل قبل در مسير هاي مطمئتا توانائي شما را در كنترل بحران در مواقع لزوم بالا مي برد
اگر رو به جلو سر خورديد سعي كنيد روي خود را به سمت سطح برف بچرخانيد و رو به برف قرار بگيريد . سپس با فشار نوك كفش و كف دستان خود را متوقف كنيد . سطح برف در اين حالت مي تواند دست شما را بشدت بسوزاند !!!پس حتما دستكش به دست داشته باشيد .
اگر از پشت سر يعني حالتي كه سر شما رو به سمت پايين است سر خورديد در وحله اول كاري كنيد كه پاها به سمت پايين قرار گيرد و در همين حين سينه خود را به سمت برف چرخانده و بعد مانند روش قبلي خود را متوقف كنيد . به همراه داشتن يك تبر كوهنوردي مناسب تا حد زيادي در كنترل سقوط به شما كمك مي كند .
در هر دو روش حتما صورت خود را به سمت بالا بگيريد تا از اصابت و يا كشيده شدن چانه با سطح برف جلو گيري شود .
هنگاميكه كاملا متوقف شديد . اول با ضربات پا جاي استقرار مطمئني براي خود تهيه كنيد و بعد از جاي خود بلند شويد .
لازمه کوهنوردي فني در زمستان دقت بيشتر و رعايت نکات ايمني و همچنين تدارک مناسب است . هنگام بستم کوله خود براي يک برنامه زمستاني ( خواه فني خواه ساده ) بايد به ياد داشته باشيم هيچوقت نمي توان با قاطعيت در زمستان طول يک برنامه را پيش بيني نمود. به همراه داشتن لوازم زير در زمستان در کوله هر کوهنوردي در برنامه هاي کوتاه ايمني او را بالا مي برد:
فلاسک مناسب با روکش:يک نوشيدني گرم مي تواند در شرايط بد نيرو و انرژي شما را به حد چشم گيري بالا ببرد. حتما فلاسک خود را داخل يک کاور فوم عايق و يا حد اقل يک جواب پشمي مناسب قرار دهيد . اين کار گرماي فلاسک شما را تا مدت زيادتري حفظ مي کند.
يک وعده اضافه غذاي کنسروي:مدت برنامه شما هر چه باشد يک وعده غذا بيشتر با خود به مراه ببريد. وجود يک کنسرو چندان کوله شما را سنگين نمي کند اما اگر لازم شد مي تواند انرژي کافي براي فعاليت را به ما بدهد.
قمقه آب بزرگتر:در زمستان بدن کوهنورد بسيار بيشتر عرق مي کند( هر جند اين امر خيلي محسوس نيست ! ) اما نوشيدن آب کافي مي تواند روند چرخش خون شما را مناسب تر نمايد.
دستکش و کلاه اضافه:اگر در طوفان مدت زيادي مجبور بوديد از سنگ ها صعود کنيد يا تبر يخ در دست داشته باشيد کم کم دستکش شما يخ مي زند. آن را قبل از اينکه دستانتان سرد شوند با جايگزين خشک تعويض کنيد. مي توانيد دستکش يدکي را داخل لباس خود بگذاريد تا با دماي بدن شما گرم شود.
يک چراغ قوه مناسب:بهمراه داشتن يک چراغ قوه مناسب سبک همواره در تاريکي زود رس زمستان چاره ساز بوده است . قبل از عزيمت به کوه باتري را مورد بازبيني قرار دهيد.
پريموس و ظرف:غلاسک شما هر چقئر خوب باشد باز ظرفيت محدودي دارد. بهمراه داشتن چراغ گاز مناسب در بيتوته هاي اجباري مي تواند کارساز باشد. اگر از مدل هاي گازي استفاده مي کنيد با خود يک يا دو شمع بهمراه ببريد . گاز در سرما يخ مي زند و حرارت شمع در زير آن مي توان به توان حرارتي آن کمک کند.
يک زير انداز با اندازه مناسب:اگر مجبور به بيتوته شديد يک زير انداز عايق بخوبي مانع تماس بدن شما با زمين و در نتيجه حفظ دماي بدن شما مي شود.
قطب نما:حتي اگر نقشه مناسب از منطق اي که قصد صعود از آن داريد در دست نباشد در شرايط برف گيجه (witheout) که مه و طوفان ديد شما را به صفر کاهش داده دانستن جهت شمال مي تواند راهگشا باشد.
لباس گرم اضافه:هيچگاه به لباسي که حين صعود به تن داريد اکتفا نکنيد. اين لباس حين صعود بعلت تعريق بدن نمدار مي شود و هنگام استراحت شما را سرد خواهد کرد. بهم همراه داشتن کت پر - نيم کت و يا يک دست پوليور پلار مناسب مي تواند در زمان ايستادن و استراحت شما را به خوبي گرم کند.
روکش دستکش:دستکش هاي پلار و پشمي در هر حال خيس مي شوند. يک جفت روکش دستکش مي تواند دستکش هاي زيري شما را مدت بيشتري گرم نگاهدارد.
يک جفت جورب اضافه:در صورت خيش شدن جوراب ها مي تواند شما را گرم کند و همچنين در هنگام بيتوته ( بيواک) اگر شرايط اجازه بدهد تعويض جوراب تا حد زيادي شما را گرم مي کند.
عينک مناسب:عينک زمستاني در کوه بايد داراي حفاظ دور چشم براي جلوگيري از نفوذ باد و بوران باشد.
طناب انفرادي و کارابين:به هر حال کاربرد خاص خود را دارند. و اگر روزي مورد نياز باشند و در کوله نباشد به ارزش آن پي مي بريم !!
نيمه يخ شکن:بسياري از معابر کوهستاني ايران بخوصو در روزهاي جمعه بعلت تردد بسيار لغزنده است . بهمراه داشتن و استفاده از آن آن بخصوص در صبحدم و غروب مي تواند جلوي سر خوردن را بگيرد.
باتوم راهپيمايي:وسيله سبک و کارا در برف کوبي و همچنيم بيمه کننده دراز مدت سلامت زانوهاي شما. آنرا هيچگاه از فهرست لوازم خود حذف نکنيد.
سوت:براي پيام دادن به ديگران در هنگام مه و برف گيجه هيچ وسيله اي بهتر از آن اختراع نشده است . توجه کنيد سوتي که بهمراه مي بريد از آن دست ه سوت هاي موسوم به پيش آهنگي باشد که مانند استوانه داخل آن خالي است. مدل هاي ديگر سوت در سرما يخ مي زند!
قبل از حرکت تمام زيپ ها بست ها و سگگک هاي کوله پشتي - گتر - لباس هاي بادگير خود را چک کنيد. و از صحت عملکرد آن ها مطمئن شويد.
همچنين بازبيني کفش قبل از صعود و ترميم آسيب هاي احتمالي آن خالي از فايد نخواهد بود.
به همراه داشتن 20 تا 30 متر "نيم طناب " مي تواند در مکان اي لازم حمايت مناسب را براي نفرات ضعيف تر محيا کند. با يک کلنگ و استفاده از کارابين مي توان در يک شيب تند نفرات را به سرعت حمايت نمود. ( توجه داشته باشيد نقش اين حمايت بيشتر جنبه رواني دارد
*تعريف کوه گرفتگي:حالتي که در اثر افزايش ارتفاع و فعاليت شديد بدني در شخص بوجود مياد.مهمترين علائم کوه گرفتگي عبارتند از:1- از دست دادن اشتها 2- افزايش غير طبيعي ضربان قلب و دم و بازدم3- تنگي نفس 4- اختلال در سيستم گوارشي 5- سردرد شديد6- قرمز شدن چشم ها 7- عدم تمرکز حواس 8-کاهش بينايي و شنوايي9- تنفش شين ستوکي (chyne-stoke) که علامت ارتفاع زدگي حاد است؛ تنفس به يکباره شديد شده و بعد از چند ثانيه به حالت اول برميگردد.
پيشگيري از ارتفاع زدگي:
مهم ترين راه پيشگيري از ارتفاع زدگي، انجام تمرينات ورزشي مستمر و کسب آمادگي لازم براي صعود هاي دشوار است. تمرينات ورزشي(به خصوص تمرينات هوازي که به صورت مداوم انجام شود) باعث خو گرفتن بدن به تغييرات ذکر شده، افزايش ميزان گلبول هاي قرمز در خون، هماهنگي ماهيچه ها با دستگاه گردش خون و نيز افزايش سطح کربوهيدرات در ماهيچه ها ميشود که مجموع اين عوامل باعث پيشگيري از ارتفاع زدگي خواهد شد.
اما در طول برنامه هاي کوهنوردي نيز ميتوان با رعايت نکاتي از ارتفاع زدگي جلوگيري کرد:
1- راه پيمايي گام به گام بهترين کار براي تطبيق تدريجي با ارتفاع است. از انجام حرکات تند و انفجاري در کوهستان خودداري کنيد. نفس نفس زدن نشانه اين است که بيشتر از توانتان داريد فعاليت ميکنيد.. در اين صورت حرکت خود را آهسته تر کنيد. عميق تر نفس بکشيد. براي نفس کشيدن به جاي جلو دادن شکم، ديافراگم را به پايين بکشيد تا حجم بيشتري از ريه ها بوسيله هواي تازه اشغال شوند. قدم هاي خود را کوتاه برداريد.
2- اهميت برنامه غذايي پيش از برنامه کوهنوردي به مراتب بيشتر از غذايي است که در طول برنامه مصرف ميکنيد. در روز هاي قبل از برنامه غذاهاي پر کربوهيدرات و پرچربي بخوريد. در عوض در طول برنامه غذاهاي زود هضم و سبک تري را انتخاب کنيد.
3- اهميت آب را فراموش نکنيد. کم آبي بدن باعث غلظت خون و کم کاري کليه ها خواهد شد. آب را کم کم و در فواصل زماني معين بنوشيد. به آب خود مواد قندي (به ميزان کم) اضافه کنيد.
4- روز قبل از برنامه به ميزان کافي بخوابيد.5- مصرف توتون و الکل اکيداً ممنوع...
در صورت ارتفاع زده شدن در درجه اول به استراحت بپردازيد. در صورت عدم بهبود از ادامه صعود جداً پرهيز کنيد. آب همراه با مواد قندي مصرف کرده و ارتفاعتان را کم کنيد.
براي مصرف دارو هاي ضد ارتفاع(مانند استازولاميد) و يا دارو هاي ديگر با پزشک يا شخص آشنا يه اين امر مشورت کنيد.
در صورت ادامه و يا بيشتر شدن عوارض، حتما به پزشک مراجعه
*آسيبهاي شايع پا در کوهنوردي:4 ضربه ديدگي ناخن و بستر ناخن
گاهي خصوصاً زماني كه سايز كفش به درستي انتخاب نشده باشد ، فشارهاي وارده به انگشتان و ناخنها به حدي است كه منجر به بروز خون مردگي در زير ناخنها و دردهاي شديد موضعي مي گردد . در چنين شرايطي گهگاه ، خونريزيهاي كوچك زير ناخن ، به كبود و سياه شدن زير ناخن مي انجامد . در بعضي افراد تغيير شكل و اندازه ي كف پا در حين ايستادن و فعاليت ، بسيار زياد و بعضاً بالغ بر دو سايز مي باشد كه قطعاً اين افراد به شدت مستعد آسيب انگشتها و ناخنها هستند . خونريزي و تجمع آن در زير ناخن ، هر چند اندك ، با جدا كردن ناخن از بستر آن ، به درد شديدي مي انجامد كه گاهي راه رفتن را دشوار مي سازد و نياز به اقدامات درماني خاص را طلب مي كند مهمترين اصل در پيشگيري از بروز اين عارضه ، انتخاب كفش و سايز مناسب مي باشد در شرايط حاد و چنانچه درد ناشي از افزايش فشار در زير ناخن بسيار زياد باشد ، مي توان با ايجاد يك سوراخ كوچك در سطح ناخن ، امكان تخليه خون و كاهش فشار و درد را فراهم نمود . براي اين منظور مي توان با حرارت دادن يك سر يك گيره كاغذ يا سوزن و قرار دادن آن بر روي ناخن به سادگي و بدون درد ، سوراخ لازم را در سطح ناخن ايجاد نمود .
استفاده از داروهاي مسكن مانند استامينو فن به همراه كاستن از ميزان فعاليت و استفاده از كفش راحتي و يا دمپايي به درمان سريعتر مشكل كمك مي كند
.2-4 عفونت گوشه ي ناخن
( Ingrwing toe nail اعمال فشار بيش از حد به انگشتان پا ، چنانچه در مورد قبل ياد شد ، مي توان باعث فرو رفتن قسمتهاي كناري ناخن انگشت شصت پا در نسوج نرم كنار آن گردد . در اين شرايط « و با اضافه شدن آلودگي ميكروبي ، زمينه بروز عفونت با درد شديد و ناتواني در راه رفتن همراه مي شود . عدم درمان مناسب اين عارضه به مــــزمن شـــدن و تكرار متناوب آن مي انجامد.
حفظ بهداشت پا و نحوه ي درست كوتاه نمودن ناخن ( در عين كوتاه بودن نبايد از ته و بصورت زاويه دار گرفت ) در كنار استفاده از كفش مناسب ، از بروز اين عارضه پيشگيري مي نمايد در صورت بروز ، انگشتان مبتلا را روزانه چندين نوبت با الكل شستشو داده و در محلول آب و نمك گرم قرار دهيد . مراجعه به پزشك به جهت تجويز آنتي بيوتيك مناسب الزامي است و در صورت تكرار و مزمن شدن عارضه ، گاهي برداشتن قسمتي يا تمامي ناخن به طريق جراحي قطعي ترين روش درمان است
3-4عفونت قارچي انگشتان
فضاي بين انگشتان پا كه غالباً مرطوب از تعرق و مدتها در جوراب و كفش و به دوراز هواي آزاد و نور خورشيد مي باشد ، محل بسيار مناسب و شايع براي رشد و تكثير عفونتهاي قارچي مي باشد . اين وضعيت خصوصاً در كوهنوردان كه ساعات متمادي پا در كفش به فعاليت مشغول هستند متحمل تر مي باشد . به دنبال استقرار و آلودگي قارچي ، علائم بصورت احساس سوزش و بعضاً درد در بين انگشتان ، خصوصاً بين انگشتان چهارم و پنجم بروز مي كند . در چنين شرايطي با نگاه مستقيم متوجه ترشحات بد بو و ظهور سفيدك در سطح پوست ناحيه مي شويم . اكثر مبتلايان به جهت خفيف بودن علائم معمولاً توجه كافي به اين عارضه نمي كنند و هرچه بسا ماهها دچار آلودگي باقي مي مانند . مزمن شدن اين آلودگي مي تواند باعث استقرار عفونت در بقيه نواحي بين انگشتان و نيز درگير نمودن و دچار بد شكلي و از بين رفتن تقارن مي گردد ، گاهي پوسته پوسته شده و از بستر ناخن جدا مي گردد رعايت بهداشت فردي ، شستشوي متناوب پا با آب صابون و استفاده از جورابهاي نخي و پنبه أي به جاي استفاده از جورابهاي از جنس مواد مصنوعي ، اصول پيشگيري از اين عارضه است به جهت تجويز داروي ضد قارچ به پزشك مراجعه نماييد . لازم به ذكر است كه درمان عفونتها ي قارچي ناخنها معمولاً طولاني و نيازمند مصرف داروهاي تخصص خوراكي و موضعي است
.4-4ميخچه انگشتان
وارد شدن فشار زياد بر پوست قسمتي از انگشت به مرور زمان سبب كلفت شدن ( هيپوترفي ) پوست در محل فشار مي گردد . اين عارضه پوستي كه ميخچه ناميده مي شود به تدريج حساس و دردناك مي شود و گاهي شدت درد مانع انجام حركات روزانه و فعاليتهاي ورزشي مي شود . انتخاب كفش مناسب كوه چه از نظر فرم و چه از نظر سايز اهميت فراوان دارد . درمان ميخچه معمولاً ، برداشتن آن بوسيله ي استفاده از داروهاي موضعي و يا در موارد شديد به طريق جراحي است كه در هر صورت نياز است تا به يك پزشك متخصص مراجعه شود.
5-4 شكستگي انگشتان پا ( Toe fracture )
اگر چه بروز شكستگي انگشتان پا آسيب شايعي نيست ليكن در كوهنوردي ، به دنبال سقوط سنگ بر روي پنجه پا و يا بد قرار گرفتن نوك كفش در بين سنگها امكان بروز آن وجود دارد . معمولاً در شرايط مناسب درمان اين شكستگي ها به راحتي با فيكس نمودن انگشت آسيب ديده به انگشت بزرگتر مجاور خود به وسيله چسب زخم بندي امكان پذير است و البته به دنبال آن براي حداقل يك هفته مي بايست از پوشيدن كفش خود داري و از دمپايي استفاده شود .
6-4 سندرم مورتون( Morton s syndrome )
حركات زياد و مكرر استخوانهاي « متاتارس » خصوصآً در حين راهپيمايي در سطح ناهموار كوهستاني ، باعث گير افتادن و فشرده شدن اعصاب بين آنها مي شود كه بتدريج به التهاب موضعي شاخه هاي عصبي در محل فشار و در ادامه به ايجاد يك توده ي عصبي كوچك ( به اندازه يك عدس )در محل فشردگي منجر مي گردد . چنين توده أي كه نورماي مورتون ناميده مي شود ، در برابر فشردگي بسيار حساس و دردناك است و تحريك آن باعث ايجاد درد، احساس برق گرفتگي در انگشتان و گاهي اختلال حسي به شكل كاهش حس و احساس گزگز در بغل و نوك انگشتان مجاور مي گردد . به راحتي قابل درك است كه پوشيدن كفشهاي نامناسب خصوصاً تنگ بر ايجاد و پيشرفت اين ضايعه تاثير زيادي دارد . پيشگيري از بروز اين ضايعه ي دردناك و مزاحم در گرو استفاده از كفش مناسب با كفي مستحكم و متناسب با اندازه ي پا و نيز انجام تمرينات كششي و قدرت پنجه و كف پا است . نكته مهم اين است كه درمان اين عارضه در مراحل اوليه راحت تر است ليكن چنانچه به آن توجه نشود و بتدريج بر قطر توده عصبي افزوده گردد ، درمان قطعي صرفاًبرداشتن آن به طريق جراحي است .
7-4 استخوانهاي متاتارس دردناك – متاتارسالژيا ( Metatarsalgia )
ضعيف بودن عضلات كف پا و وارد شدن فشارزياد به استخوانهاي متاتارس در پنجه و كف پا ، اجازه ي حركات بيش از حد و خارج شدن از محل اين استخوانها را ميسر مي سازد . اين حركات باعث فشرده شدن و سايش بين استخوانهاي متاتارس مي شوند كه منجر به بروز درد در ناحيه كف و يا روي پا مي گردند. اين عارضه را كه در واقع التهاب اين استخوانها است متاتارسالژيا مي نامند . در صورت نياز به كارگيري كفي هاي طبي ويژه در كاهش درد موثر مي باشد .
7-4دردهاي قوس كف پا
مجموعه اي از عضلات ليگامانها ، تاندون عضلات ، استخوانها و مفاصل كوچك در ناحيه كف پا ، قوسهاي طولي داخلي و خارجي كف پا را تشكيل مي دهند . اين دو قوس در كف پا مانند ضربه گير عمل مي كنند و وجود آنها امكان انعطاف و تحمل وزن بيشتري را به پا در حين ايستادن و راه رفتن مي دهد . چنانچه يكي از عناصر اين قوسها ، ضعيف شده يا آسيب ببيند ، استخوانهاي قوس پا از امتداد خود خارج مي شوند و قوس به هم مي ريزد اين اختلال باعث مي شود تا فشار و كشش زيادي به نسوج نرم كف پا وارد شود و نيز مفاصل استخوانهاي بين كف پا به هم فشرده شوند . مجموعه أي تغييرات به احساس درد در ناحيه قوس كف پا خصوصاً در حين راه رفتن و دويدن و خستگي زود رس پا مي انجامد . در اين بين افرادي كه بطور مادر زادي داراي قوس كف پاي كمتر از حد ( كف پاي صاف ) يا بيش از حد هستند ، نسبت به بروز اين عارضه حساس ترند و به جهت پيشگيري مي بايست با نظر پزشك متخصص از كفـهاي طبي خاصي استفاده نمايند .
استفاده از كفشهاي نا مناسب كوهنوردي كه كف داخلي مناسبي ندارند و يا كف نرم و قابل انعطافي دارند مزيد به علت و عامل بروز تشديد اين عارضه هستند به خاطر داشته باشيد كه چنانچه كفش خود را بين دو دست خود قرار دهيد و با اعمال فشار سعي در خم نمودن تخت آن نماييد ،چنانچه از ناحيه ي وسط تخت خم گردد مناسب و استاندارد نيست . در يك كفش خوب با اعمال چنين فشاري ، تخت كفش از ناحيه جـــــلو تر ( حدود قرار گيري محل پنجه پا ) خم مـي شود نه از وسط.
پيشگيري از اين عارضه عبارتند از:1-كنترل و جلو گيري از وزن بدن 2-انجام تمرينات كششي عضلات پشت ساق پا 3-انجام تمرينات كششي و افزايش طول فاشياي كف پا 4-استفاده از كفشهاي استاندارد با كفي و تخت مناسب 5-مراجعه زود هنگام به پزشك متخصص و در صورت بروز عارضه ، به جهت درمان سريع و مناسب و جلو گيري از مزمن شدن عارضه كه غالبآً مستلزم درمانهاي طولاني و دشوار است
.8- 4 دردهاي پاشنه پا
يك باند نسبتآً ضخيم و مستحكم از جنس نسج و عضلات بنام فاشيا در كف پا از حدود انگشتان پا شروع شده و به پاشنه پا متصل مي شود كوتاه بودن اين فاشيا ، فشار و كشش زيادي را به محل چسبندگي خود در زير استخوان پا وارد مي سازد . تكرار اين فشار و كشش ها سبب بروز التهاب در محل چسبندگي و پيدايش درد پاشنه پا مي شود . اين درد با راه رفتن و دويدن تدريجاً افزايش مي يابد و معمولاً صبح هنگام قبل از آغاز فعاليتهاي روزانه در بيشترين حد خود است . تكرار زياد اين مكانيسم و اعمال فشار بر اين محل چسبندگي فاشيا و استخوان باعث تشكيل زايده ي استخواني كوچك و خارمانندي مي شود كه به اصطلاح خار پاشنه ناميده شده است و معمولاًدر كليشه هاي راديو گرافي به وضوح ديده مي شود . از علل ديگر دردهاي پاشنه پا ، تحت فشار قرار گرفتن شاخه هاي كوچك و حساس عصب كف پايي در زير و سطح داخلي پاشنه پا مي باشد .همراه علائمي چون بي حسي و سوزن سوزن شدن نواحي مجاور مي گردد. استفاده از كفشهايي كه فضاي كافي و مناسبي براي پاشنه پا ندارند از عوامل بروز اين اختلال محسوب مي شوند . انجام تمرينات كششي عضلات پشت ساق پا و فاشياي كف پا به همراه قرار دادن مكرر كيسه هاي حاوي يخ خرد شده در محل دردناك پاشنه پا ، چند نوبت در روز و استفاده از داروهاي ضد درد ساده أي چون آسپرين در كاهش درد و بهبود شرايط بسيار موثرند
*كرامپون:كرامپونها – نكته به نكته ( كرامپون وسيله اي است كه براي يخ نوردي زير كفش بسته ميشود.) انتخاب بهترين كرامپون اولأ بستگي دارد به آنكه شما چه استفاده أيي ميخواهيد از آن بكنيد دومأ ساختمان كفش شما نيز در انتخاب يك كرامپون خوب اهميت دارد. مانند همه وسايل, هر نوع از يك وسيله براي يك هدف و منظور خاص طراحي وساخته شده است اما در مواقع ديگر نيز ممكن است كه بتوان از يك وسيله به نوعي ديگر در راستاي يك منظور ديگر استفاده كرد. وقتي تصميم ميگيريد كه يك كرامپون بخريد در مورد عقيده كساني كه در اين زمينه حرفه أي هستند تحقيق كنيد و نظرات آنان را بخواهيد, سپس كفشهاي خود را بر داريد و به فروشگاه مورد نظر خود ببريد و مطمئن شويد كه كرامپون اندازه كفشهاي شما ميباشد برخي مواقع نيز ممكن است كه كرامپون احتياج به تنظيم كردن داشته باشد
براي كوهنوردي در كلاس و پايه معمولي كه داراي يخ معمولي است و مسير هاي برفي آن نيز داراي شيب زياد نمي باشدبهتر است كه از كرامپونهاي متحرك , قابل تغيير و انعطاف پذير استفاده كنيد .اين نوع از كرامپونها براي زمينهاي نه چندان سخت كه بيشتر احتياج به راه رفتن دارد تا صعود فني مناسب مي باشد.
از لحاظ روش اتصال كرامپون به كفش ميتوان آنها را به سه دسته تقسيم كرد:1- كرامپونهاي بندي Strap-on 2- كرامپونهاي نيمه اتوماتيك Newmatic (aka Rapidfix) 3- كرامپونهاي اتوماتيك کرامپونهاي بندي
دراين نوع از كرامپون كه با هر نوع كفشي كار ميكند به سادگي توسط بندهايي كه به صورت شبكه بافته شده است زير كفش بسته ميشود و بندهاي آن از روي كفش گره زده مي شود. مزيت بسيار خوب اين كرامپون اين است كه به راحتي با هر كفشي بسته ميشود , ولي پوشيدن آن كمي وقت گير است . مدلهايي كه ما به شما توصيه مي كنيم Grivel G-10 New classic , Charlet Moser S-12 Articule و SMC hinged مي باشند. اين مدلها تقريبأ روي تمام كفشها قابل نصب مي باشند و در هرگونه شرايـط آب و هـوايي و مخصوصأ يخچالها و توده هاي عظيم يخ مناسب هستند
كرامپونهاي نيمه اتوماتيك
اين كرامپونها بخاطر سهولت استفاده از آن خيلي سريع عموميت پيدا كرد. اين نوع كرامپون نيز با همه نوع كفش كار ميكند.اين كرامپون داراي تسمه هايي در قسمت جلوي كفش (پنجه) و يك اهرم پاشنه و حفاظ پاشنه در قسمت عقب كفش مي باشد
عوارض جانبی استازولامید-قرص ارتفاع
با رواج روز افزون صعودهای سرعتی در بین برخی کوهنوردان، مصرف قرص استازولامید بعنوان یکی از رایج ترین داروها جهت پیشگیری و درمان بیماری حاد ارتفاع یا ارتفاع زدگی، بطور چشمگیری افزایش یافته است. این افزایش بی رویه مصرف دارو، بدون اطلاع از عوارض جانبی آن می تواند سلامت کوهنورد را مورد تهدید قرار دهد. بویژه اینکه افراد مختلف پاسخ های متفاوتی به یک دارو می دهند. اینکه بدن ما ممکن است چه واکنشی در مقابل دارو نشان دهد، امریست پیچیده. آگاهی ما از عوارض دارو بما کمک می کند تا نسبت به بروز مشکلات جسمی در حین فعالیت کوهنوردی و عوامل آن آگاه باشیم.
عوارض شایع:
افزایش حجم ادرار(دیورز) ،کرختی، مور مور شدن و تغییر حسی(پارستزی) بخصوص در دستها و پاها و نواحی تحت فشار، مصرف نوشیدنیهای کربن دار ممکن است بی مزه بنظر برسد، تهوع، عدم تعادل الکترولیتی.
سایر عوارض: ناخوشی- عدم آگاهی نسبت به زمان و مکان، افسردگی، خستگی، ضعف عضلانی، بی اشتهایی، استفراغ، کاهش وزن، خشکی دهان، تشنگی، اسهال، افزایش دفع کلسیم، پتاسیم، منیزیم و سدیم، اسیدوز متابولیک( کاهش میزان PH مایع خارج سلولی ناشی از افزایش یونهای هیدروژن و یا کاهش یونهای بیکربنات. این وضعیت ممکن است منجر به یک یا بیش از یکی از موارد زیر شود: خمودی، ضعف، درد شکمی، تهوع، استفراع، دیس پنه یا تنفس مشکل، هیپرپنه پیشرونده یا افزایش تعداد تنفس، دهیدراتاسیون ، تشنگی، برافزوختگی صورت، نبض پرجهنده، خواب آلودگی فزاینده، اغتشاش شعور، جنگجویی.)؛ هیپرگلیسمی (افزایش اندازه گلوکز در خون که منجر به پوست گر گرفته و خشک ، فشارخون پایین ، نبض بالا، افزایش شمارش تنفس، پر اداری ،پرخوری، پرنوشی و خواب آلودگی می شود.)؛
هیپراورسیمی (اسیداوریک بیش از حد در خون که منجر به درد پهلو، معده، یا مفاصل می شود)؛ تکرر ادرار، پرادراری، سوزش ادرار، اختلال فعالیت کبد.
عوراض تهدید کننده زندگی: فلج شل؛ اگرانولوسیتوز (عارضه ای که با عفونت شدید همراه است و بوسیله تب بالا، لرز، ضعف و بی حالی شدید و زخم شدن غشاء مخاطی نظیر دهان، رکتوم یا واژن تظاهر میکند.)
نکاتی در مورد مصرف دارو:مصرف طولانی مدت استازولامید منجر به کاهش شدید پتاسیم می شود و نیاز به رژیم سرشار از پتاسیم وجود دارد. گلودرد یا زخم دهان، خونریزی غیر عادی، تب و مشکلات پوستی یا کلیوی را گزارش کنید.بی حسی، گزگز، سوزش، خواب آلودگی و مشکلات بینایی را گزارش کنید.بمنظور کاهش خطر تشکیل سنگهای کلیوی، بقدر کافی مایعات مصرف کنید.
منابع :
داروهای ژنریک ایران، محمد آبگون،1381.
تظاهرات اصلی و درمان بیماریها، اورژانسهای طب داخلی، دکتر سید اصغر ساداتیان و همکاران.
پزشکی ارتفاع ،د.مورداک اپالارد،
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